फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में लंपी से जूझ रहे पशु, ग्रामीणों का आरोप- विभाग की वैक्सीन बेअसर, नहीं पहुंच रही गांव में टीम

जिला में पशुपालन विभाग की ओर से सभी गांवों में गायों की वैक्सीनेशन का दावा किया जा रहा है, उधर धरातल पर पशुपालक स्थिति दावों के विपरीत बता रहे हैं। गांव आनावास में करीब 15 पशु लंपी से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डेढ़ माह पहले वैक्सीनेशन की गई थी और उसके बाद कोई भी चिकित्सक गांव में नहीं आया है। आनावास में दो गायों की मौत हो चुकी है। बता दें कि पशुपालन विभाग की ओर से पूरे जिले को कवर करने दावे किए जा रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान पशुपालकों ने बताया कि डेढ़ माह पहले उनके पास टीम आई थी और इस दौरान सभी पशु कवर नहीं किए गए। आनावास में डेढ़ माह पहले बूचावास अस्पताल से चिकित्सक गांव आए थे। उन्होंने गांव में पशुओं को वैक्सीन लगाई और उसके बाद से न तो उन्हें कोई जानकारी दी गई और न ही बीमार गोवंश का उपचार किया गया। पशु अब भी लंपी की चपेट में आ रहे हैं और जीवन-मृत्यु से जूझ रहे हैं। उपचार के अभाव में गोवंशों की हालत बिगड़ती जा रही है। पशुपालकों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा न हम शिकायत कर पा रहे हैं और न ही उपचार मिल रहा है। विभाग ने गांव में टीम भेजने का दावा किया था, लेकिन जांच और नमूने लेने के लिए कोई टीम नहीं पहुंची। वैक्सीन लगी, फिर भी लंपी से ग्रस्त हो रहे पशु पशुपालकों ने बताया कि कुछ गोवंशों को लंपी की वैक्सीन लगी थी, अब उनको भी लंपी हो चुकी है। इनमें एक बछड़ा भी मर चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग की वैक्सीन अब बेअसर साबित हो रही है और गांव में काफी दिन से कोई चिकित्सक भी नहीं आ रहा है। बीमार पशुओं को बिना उपचार के छोड़ दिया गया है। इससे पशुपालकों में भारी रोष है। विभाग की ओर से जिले में सभी पशुओं की शत प्रतिशत कवरेज कर वैक्सीन लगाई गई है। वैक्सीन के बाद भी पशु को लंपी हो रही है तो उनकी इम्यूनिटी पावर कमजोर है और वैक्सीन 14 दिन में पावर बढ़ाती है। अगर 14 दिन में पशु को लंपी होती है तो वैक्सीन का असर नहीं होगा। हर गांव में दोबारा कवरेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. नसीब सिंह, उप निदेशक, पशुपालक विभाग, महेंद्रगढ

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें