वैसे तो आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति आमजन के हित में कई नेक कार्य करते हैं। लेकिन हुडा सेक्टर निवासी अमित यादव उर्फ नीशु ने अपनी जमीन पर लोगों की खातिर घूमने व सैर सपाटे के लिए पूरा बाग ही तैयार कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने सरकारी भूमि पर भी अनेकों पेड़ लगाकर पर्यावरण को संरक्षित करने का काम किया है। नीशु का मानना है कि जब तक उनके हाथ पैर काम कर रहे हैं, तब तक वे पेड़ लगाते रहेंगे। 10वीं में थे तब लगाया पहला पेड़: नीशु ने बताया कि जब वह 10वीं कक्षा में थे तो पापा को देखकर पहला चीकू का पेड़ घर में ही लगाया था। पापा पीजी कॉलेज में बॉटनी के प्रोफेसर थे और उन्हें पेड़ों के बारे में पूरी जानकारी थी, तो पापा ये सारी जानकारी उनके साथ भी साझा करते रहे। ऐसे में उनकी भी दिलचस्पी पर्यावरण सरंक्षण के प्रति बढ़ती चली गई। अब तक लगा चुके 7 से 8 हजार पेड़: नीशु ने बताया कि जब दो साल बाद चीकू के पेड़ में फल आना शुरू हुए तो उनका मनोबल भी बढ़ता चला गया। इसके बाद से वे लगातार पेड़ रोंपते गए और उसी का परिणाम है कि आमजन के लिए एक पूरा बगीचा तैयार कर दिया। बॉक्स: ये लगाए पेड़: किस्में कीमत प्रति पेड़ संख्या आडू 600 100 बादाम 600 57 कटहल 1000 130 नारीयल 1500 137 ताड़ 700 3000