गांव से लेकर शहरों में आज भी बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं, जिनमें लंपी बीमारी का खतरा बना हुआ है। इन गोवंश की न कोई जांच की जा रही है और न ही कोई रखरखाव हो पा रहा है। अनेक वर्षों से गो सरंक्षण में लगे संत गोपालदास ने इस पर बड़ी चिंता जाहिर की है। जाट धर्मशाला में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी अनेक गोवंश सड़काें पर घूम रहे हैं। सरकार व प्रशासन इन्हें सरंक्षित कर गोशालाओं तक नहीं पहुंचा पा रहा है। इनसे हर समय हादसे का खतरा रहता है तो वहीं ये गोवंश खुद भी हादसों का शिकार हो रहे हैं। अब लंपी बीमारी फिर से फैल रही है। हालांकि पालतू व गोशालाओं में गोवंशों की जांच की जा रही है तो टीके भी लगाए जा रहे हैं लेकिन सड़कों पर घूम रहे गोवंश की कोई संभाल नहीं है। ऐसे में ये न केवल खुद बीमार हो सकते हैं बल्कि इनके जरिए बीमारी और भी फैल सकती है। इसके लिए प्रशासन व सरकार से लेकर गो सेवकाें को भी आगे आना चाहिए, ताकि न केवल इन गोवंश को बचाया जा सके बल्कि इस बीमारी को बढ़ने पर भी अंकुश लग पाए। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ विकास शर्मा का कहना है पालतू व गोशालाओं में गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है लेकिन अभी बेसहारा घूम रहे गोवंश का अभी कोई टीकाकरण नहीं किया जा सका है। नगर निकाय इन गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाता है, जहां पर विभाग की टीम जाकर जांच करती है तो टैग भी लगाया जाता है।