हमें शिक्षण संस्थानों में सिर्फ मास्टर नहीं ऐसे गुरु चाहिए जो बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्य व संस्कार भी पैदा कर सके। ऐसे विद्यार्थी तैयार कर सकें जो पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी की तलाश में नए लटके बल्कि नौकरी देने वाले बने। यह कहना है राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का। वे आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 2047 के विकसित भारत के संदर्भ में शिक्षक शिक्षा विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा की शिक्षण संस्थान में बच्चों का चौमुखी विकास होना चाहिए उन्हें ऐसे संस्कार मिले जिसमें भारतीयता भी कूट-कूट कर भारी हो। राज्यपाल ने कहा कि एक शिक्षक के पास स्किल होना चाहिए, तकनीक होनी चाहिए और अप टू डेट होना चाहिए।