मशरूम का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। मशरूम की सब्जी तो सभी ने खाई है, क्या आपने मशरूम की जलेबी खाई है। अगर नहीं खाई है तो आप सेक्टर 12 के खादी महोत्सव में आईए जहां जींद जिले के किसान अशोक अपनी पत्नी सुनीता के साथ मिलकर लोगों को मशरूम की जलेबी बनाकर खिला रहे है। इनके स्टॉल पर वीटा के देसी घी में बनी मशरूम की जलेबी मिल रही है। खास बात है कि ये मशरूम की जलेबी मैदे की जलेबी से काफी हेल्दी है और इस जलेबी की कीमत 600 रुपए किलो है। इस जलेबी में मशरूम के साथ-साथ मिलेट्स मिलाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। किसान अशोक ने बताया कि इस जलेबी में वो आठ प्रकार की मशरूम तैयार करते हैं। इस मशरूम की भारत में ही नहीं विदेशों में भी इसकी काफी डिमांड है। मशरूम का बीज तैयार करने में बना चुके हैं विश्व रिकॉर्ड किसान अशोक ने बताना कि मशरूम का बीज भी हम पिछले कई सालों से तैयार कर रहे हैं। इसके लिए हमें राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया जा चुका है। हमने काफी समय पहले इस काम को शुरू किया था अब इसे बड़े स्तर पर लेकर जा रहे हैं। तीन बार राष्ट्रपति से हो चुके सम्मानित खादी महोत्सव में आई अशोक की पत्नी सुनीता ने बताया उन्होंने 2010 से मशरूम उगाना शुरू किया था। साल 2015 से हम मशरूम से जलेबी और अन्य व्यंजन बनाना शुरू कर दिया था। ये आईडिया उनके पति अशोक का था जिसमें उन्होंने भी साथ दिया है। उनके इस प्रयास ने उन्हें तीन बार राष्ट्रपति से सम्मानित होने का मौका ही नहीं बल्कि राष्ट्रपति भवन की मेहमान बनने का भी मौका मिला है। वहीं उनके फार्म पर 6 बार राष्ट्रपति आकर देख चुकी है