हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्ष बंतो कटारिया ने मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित 10 शिकायतों की सुनवाई की। इनमें छह मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जबकि चार को लंबित रखते हुए जांच के निर्देश दिए गए। गांव बालू निवासी शिक्षक पर अप्रैल में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस पर सही धाराएं नहीं लगाने की शिकायत पर आयोग ने एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। बंतो कटारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति वर्ग के साथ अत्याचार और उत्पीड़न से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाए। पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिले और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। शिक्षक की दोबारा मेडिकल जांच के निर्देश गांव बालू निवासी शिक्षक ने शिकायत में बताया कि अप्रैल में उस पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उसे चोटें आईं। उसका आरोप था कि पुलिस ने मामले में सही धाराएं नहीं लगाईं। आयोग की अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही चोटों और मेडिकल संबंधी पहलुओं की दोबारा जांच के लिए चिकित्सकों का बोर्ड गठित कर पुन: मेडिकल कराने को कहा। कुरुक्षेत्र की जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता एक अन्य मामले में शिकायतकर्ता ने कुरुक्षेत्र में चल रही जांच पर असंतोष जताया। उसकी मांग पर आयोग ने मामले की जांच गुहला डीएसपी से करवाने के आदेश दिए। हर पीड़ित को न्याय दिलाना प्राथमिकता अध्यक्ष बंतो कटारिया ने कहा कि आयोग के समक्ष आने वाले प्रत्येक पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए पूरी तत्परता से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जनता के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं और आयोग भी इसी दिशा में प्रयासरत है। इस मौके पर आयोग की उपाध्यक्ष रेणु डाबला, एसडीएम संजय कुमार, डीएसपी बीरभान, सुशील प्रकाश और रमेश गुलिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।