जींद। एशियन गेम्स में महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम के साथ ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर रिटौली की बेटी कीर्ति शर्मा सोमवार को अपने गांव पहुंची तो पूरा क्षेत्र खुशी से झूम उठा। जामनी बस अड्डे पर पहुंचते ही मां ने बेटी को गले लगाकर लाड किया। गाड़ी में बैठने के बाद मां ने अपने हाथों से कीर्ति को चूरमा खिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से स्वागत कर बाइक और कारों के लंबे काफिले के साथ उन्हें गांव तक पहुंचाया। जामनी चौक से रिटौली तक कीर्ति को खुली जीप में बैठाकर विजयी जुलूस निकाला गया। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने फूल बरसाकर और भारत माता की जय के नारों से अपनी लाडली का उत्साह बढ़ाया। गांव पहुंचने पर कीर्ति ने सबसे पहले अपना स्वर्ण पदक दादा के गले में पहनाकर उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देखकर परिवार और ग्रामीण भावुक हो उठे। कीर्ति शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, कोच और सहयोगियों को देते हुए कहा कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने युवाओं से लक्ष्य तय कर मेहनत और लगन से आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कली राम पटवारी, मार्केट कमेटी सफीदों के चेयरमैन चंद्र सैनी, पिल्लूखेड़ा मार्केट कमेटी के चेयरमैन रोहताश शर्मा, समाजसेवी आचार्य विकास, विनोद कौशल, सरपंच जोगिंदर भूराणिया, पवन विनोद शर्मा, डॉ. कश्मीरी, सक्षम भाटिया, सोनू प्रधान मौजूद रहे। दक्षिण कोरिया को हराकर रचा इतिहास कीर्ति शर्मा ने अंकिता भकत और कुमकुम मोहोद के साथ भारतीय महिला रिकर्व टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए एशियन गेम्स के फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। कीर्ति की इस उपलब्धि ने न केवल रिटौली, बल्कि जींद और हरियाणा का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर रोशन किया है। कीर्ति की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, अभ्यास और परिवार का मजबूत साथ रहा। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उसके पिता ने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए करीब 60 हजार रुपये का कर्ज लेकर धनुष खरीदा था। इसी धनुष से अभ्यास करते हुए कीर्ति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया। उसकी उपलब्धि उन खिलाड़ियों के लिए भी मिसाल है, जो सीमित संसाधनों में बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। 51 हजार से सम्मान, गांव में स्टेडियम का आश्वासन सम्मान समारोह में विधायक रामकुमार गौतम ने कीर्ति को 51 हजार रुपये तथा उनके कोच उदय सिंह को 11 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि कीर्ति की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने गांव में स्टेडियम बनवाने और अन्य जायज मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया।