जींद। एक सितंबर को हुए समझौते के तहत जारी परिपत्रों को लागू करने में अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर आनाकानी किए जाने के विरोध में नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने रोष जताया। बुधवार को डॉ. आंबेडकर पार्क में जिला स्तरीय कन्वेंशन आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान सोहन लाल ने की, जबकि संचालन जिला सचिव बंटी बेदी ने किया। इसमें जींद, नरवाना, उचाना, सफीदों और जुलाना के नगर पालिका व फायर विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। राज्य मुख्य संगठन सचिव शिवचरण, फायर कर्मचारियों के राज्य प्रधान एवं नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य उपप्रधान राजेंद्र सिणंद ने कहा कि छह अगस्त से 11 सितंबर तक कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर 37 दिन की हड़ताल की थी। इसके बाद 11 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ सचिवालय में यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी। लंबी वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी और संबंधित परिपत्र जारी किए गए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और अनुबंधित ड्राइवर-फायरमैन को पक्का करने, ठेका और कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने, जोखिम भत्ता देने, छंटनी किए कर्मचारियों को बहाल करने तथा दुर्घटनाग्रस्त कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सहायता सहित अन्य मांगों पर सहमति बनी थी। आरोप लगाया कि परिपत्र जारी होने के बावजूद निचले स्तर पर अधिकारी इन्हें लागू करने में आनाकानी कर रहे हैं। बॉक्स 30 सितंबर के बाद तय होगा अगला आंदोलन राज्य कमेटी सदस्य जयप्रकाश, एसकेएस जिला प्रधान संजीव ढांडा और ब्लॉक प्रधान मनदीप नेहरा ने कहा कि 24 से 30 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में बड़ी कन्वेंशन आयोजित कर कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मामलों का डाटा एकत्र किया जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर के बाद राज्य स्तरीय कन्वेंशन आयोजित कर कर्मचारियों की सहमति से आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।