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हिसार में जलघरों को भरने के लिए बालसमंद नहर में फिर छोड़ा पानी,8 ट्रैक्टर पंपसेट लगाए

नवीन दलाल Updated Sat, 03 May 2025 04:06 PM IST

नहरों में बचे हुए पानी को खेती के लिए पूरी तरह से बंद कर पंपसेट के जरिए जलघरों में डाला जा रहा है। शुक्रवार की शाम से बालसमंद माइनर में एक बार फिर से पानी छोड़ा गया है। जिससे जलघरों को भरने के लिए 8 ट्रैक्टर पंप सेट लगाए गए हैं। जिसमें चार पंपसेट कैमरी वाले वाले जलघर के लिए लगाए गए हैं। चार पंपसेट तोशाम रोड स्थित एचएसवीपी के जलघर को भरने के लिए लगाए गए हैं। कैमरी रोड़ जलघर में शनिवार शाम 4 बजे तक करीब पौने 8 फीट पानी भरा गया है। जलघर में 11 फीट तक जल भरा जा सकता है। अगर यह जलघर पूरा 11 फीट तक भरा जाएगा तो इससे 15 दिन काम चलता है। फिलहाल कैमरी रोड जलघर में करीब 10 दिन का पानी है। अगर एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति की जाएगी तो 20 दिन तक काम चलाया जा सकता है। तोशाम रोड़ पर एचएसवीपी के जलघर को भरने के लिए भी 4 ट्रैक्टर के साथ 8 पंपसेट लगाए गए हैं। इस जलघर में करीब 7 फीट पानी है। जिससे 8 से 9 दिन तक की काम चल सकता है। अगर एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति दी जाए तो यहां करीब 16 -17 दिन काम चल सकता है। इस जलघर से अर्बन एस्टेट टू, सेक्टर 1-4, सेक्टर 3-5 , सेक्टर 9-11 को पानी की आपूर्ति होती है। जलघरों को नहरी पानी से भरने के लिए राणा माइनर में 10 ट्रैक्टर पंप सेट, 12 साइफन, 4 बिजली पंप लगाए गए हैं। जिससे महाबीर कालोनी के जलघर में पानी पहुंचाया जा रहा है। जिससे पुराने शहर को पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा स्काडा जलघर के लिए भी अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं। डीसी ने 33 अतिरिक्त पंप सेट लगाकर जलघरों को भरने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी नियमित तौर पर जलघरों की रिपोर्ट अधिकारियों को भेज रहे हैं। सभी सूचनाएं उच्च अधिकारियों के व्हाटस एप ग्रुप में भी साझा की जा रही हैं। इस समय सबसे कम पानी महाबीर कालोनी के जलघरों में हैं। यहां दो जलघर हैं। जिसमें एक जलघर पूरी तरह से खाली तथा दूसरे में आधा पानी है। इन जलघर से पुराने शहर के बड़े हिस्से को पानी की आपूर्ति की जाती है। जलघराें को भरने के लिए बोरवेल भी चलाए जा रहे हैं। जलघरों में नहरी पानी में 25 प्रतिशत तक बोरवेल का पानी मिलाया जा रहा है। नहरों में उपलब्ध पानी से जलघरों को भरने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अतिरिक्त पंपसेट लगाए गए हैं। जिन पर दिन रात काम चल रहा है। अपनी पूरी क्षमता के हिसाब से पानी को स्टोरेज करेंगे तो 15-20 दिन आराम से निकल जाएंगे। इसके बाद नहरों में नियमित तौर पर पानी की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है। जिसके बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं रहेगी। -अनीश यादव, उपायुक्त, हिसार।

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