खिलाड़ियों के नाम से प्रसिद्ध गांव साबरवास का इतिहास करीब 350से 400 वर्ष पुराना है यह गांव हिसार जिला मुख्ययालय से करीब 33किलोमीटर व अग्रोहा खंड कार्यायालय से करीब 10-12किलोमीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों के अनुसार सेंकड़ो वर्षो पहले मुस्लिम रहते थे लेकिन धीरे धीरे यहां से चले सभी मुस्लिम लोग यहां से अन्य स्थानों पर चले गए। वर्षो पहले गांव मै साबर खान नाम का व्यक्ति रहता था जिससे लोग साबर खान के व्यक्ति के नाम से ही इस गांव को जानते थे जिससे इस गांव का नाम साबर खान पड़ गया था लेकिन समय के अनुसार इस गांव को अब साबरवास ना से जानते है। इस गांव मै युवा खिलाडी राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतराष्ट्रीय तक खेल चुके है गांव के खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग मै भी विदेशो मै नाम कमाया है गांव के मुख्य बस स्टेण्ड पर लगा गौरव पट्ट पर मै इन खिलाड़ियों का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा हुआ है। गांव की मुख्य समस्या - *गांव मै जल निकासी ना होने से बारिश के मौसम मै गांव की गलियां मै दो दो फुट तक पानी चढ़ जाता है जिससे आधे से ज्यादा घरो मै पानी घुस जाता है। *गांव मै खेल स्टेडियम की सुविधा नहीं है. *स्वास्थ्य केंद्र नहीं है जिससे ग्रामीणों को दस किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज अग्रोहा जाना पड़ता है। *गांव मै रोडवेज बस की सुविधा नहीं है जिससे पढ़ने वाले बच्चों को पांच किलोमीटर दूर कुलेरी बस स्टेण्ड पर जाना पड़ता है। *सरकारी बैंक की सुविधा नहीं है जिससे किसानो को खाद लेने के लिए पास के गांव कुलेरी, किरमारा आदि गांवो मै जाना पड़ता है।