हांसी के शहीद भगत सिंह पार्क में 28 सितंबर को महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की 119वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में लोगों ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश की आजादी में उनके योगदान को याद किया। शहीद भगत सिंह के अदम्य साहस और क्रांतिकारी विचारों ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान युवाओं की पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया। देश की आजादी के लिए उन्होंने मात्र 23 वर्ष की आयु में 23 मार्च 1931 को अपने साथियों राजगुरु और सुखदेव के साथ हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को अविभाजित पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गांव में एक राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवार में हुआ था। उनके विचार और देश के प्रति समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कार्यक्रम के दौरान सरदार कृष्ण इलावादी ने कहा कि शहीदों की कुर्बानियों के कारण ही आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश हमेशा अपने वीर शहीदों का ऋणी रहेगा। वहीं कांग्रेस नेता सुमन शर्मा ने कहा कि शहीद भगत सिंह का जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया और सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राजीव शर्मा ने भी शहीद भगत सिंह को नमन करते हुए कहा कि आज उनके जन्मदिन के अवसर पर उन्हें याद किया गया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।