वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आईजी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या से आक्रोशित अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति समाज के विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने रोष प्रदर्शन कर कैंडल मार्च किया। संत कबीर शिक्षा समिति, अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज, गुरु रविदास महासभा, डॉक्टर अंबेडकर महासभा, कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट, भीम आर्मी आदि संगठनों के सदस्यों ने पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान से पारिजात चौक होकर लक्ष्मीबाई चौक से आईजी कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और जातिवादी व्यवस्था के विरोध में नारे लगाए। लोगों ने आईपीएस वाई पूरन कुमार को न्याय दो और जातिगत उत्पीड़न बंद करो लिखी तख्तियां लहराईं। समाज के प्रतिनिधियों जोगीराम खुंडिया, बिजेंद्र सभरवाल, एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल, रतन बड़गुज्जर, एडवोकेट बजरंग इंदल ने कहा कि पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारनिया सहित 13 अधिकारी नामजद किए हैं लेकिन इनमें से किसी भी आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समाज के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस से घटना की जांच कराने, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा की मांग की गई। प्रदर्शन के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया, पूर्व प्रधान रोशन लाल, कुलदीप वाल्मीकि, अमित जाटव, सुरेंद्र सैनी, मुकेश सैनी, संतलाल अंबेडकर, गुरचरण अठवाल, चमनलाल बागड़ी आदि शामिल रहे।