हांसी समेत हरियाणा में रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर 20 और 21 अगस्त को प्रदेशभर के पटवारी और कानूनगो दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं। ऑनलाइन राजस्व पोर्टलों में आ रही तकनीकी खामियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे और अन्य लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने यह विरोध शुरू किया है। हड़ताल के चलते तहसीलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के दौरान पटवारियों और कानूनगो के दफ्तरों में उपलब्ध नहीं होने से रजिस्ट्री, इंतकाल, आय एवं जाति प्रमाण पत्र, भूमि पैमाइश और दस्तावेजों से जुड़े कई जरूरी काम अटक गए। दूर-दराज के गांवों से तहसीलों में पहुंचे ग्रामीणों को काम नहीं होने के कारण दिनभर भटकना पड़ा। पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन जिला प्रधान धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त कार्य पटवारियों के सिर डाल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका मुख्य काम राजस्व संबंधी कार्यों को निपटाना है, जबकि डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त भार उनके नियमित कार्यों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने नए लागू किए गए सरकारी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण रोजमर्रा के राजस्व कार्य करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं पटवारी पूनम ने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए सरकार की ओर से आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन कानूनगो को इनके संचालन की उचित ट्रेनिंग नहीं दी गई है। इसके कारण मशीनों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। पटवारी विनोद कुमार ने कहा कि यदि सरकार उनकी जायज मांगों का गंभीरता से संज्ञान लेकर जल्द समाधान नहीं करती है तो कर्मचारी मजबूरन आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। कर्मचारियों का कहना है कि दो दिन की सांकेतिक हड़ताल के बाद भी यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती है तो राज्य यूनियन की मुख्य बॉडी बैठक कर आगे की रणनीति और आंदोलन को लेकर फैसला करेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में राजस्व विभाग के कामकाज पर और असर पड़ने की संभावना है।