नगर निगम से हटाए गए 200 दैनिक वेतनकर्मियों का धरना तीसरे दिन वीरवार को जारी रहा है। यूनियन का कहना है कि इन कर्मचारियों की समयावधि एक साल और बढ़ाई जाए। यूनियन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो वे हड़ताल करने पर मजबूर होंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई हिसार के प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि सरकार के शहरी स्वच्छता अभियान के तहत नगर निगम ने 28 अगस्त को 200 सफाई कर्मचारी दैनिक वेतन के आधार पर 89 दिनों के लिए नियुक्त किए थे। इसके लिए निगम को सरकार की तरफ से अनुमति मिली थी। 24 नवंबर को इनके 89 दिन पूरे हो गए जिसके बाद इन्हें हटा दिया गया। यूनियन की मांग है कि इन कर्मचारियों की समयावधि एक साल के लिए और बढ़ाई जाए। अगर प्रशासन जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं करता है तो शहर में सफाई कार्य बंद करने जैसा कदम उठाया जाएगा। संघ के सचिव अनिल ने बताया कि वर्तमान में निगम में 640 सफाई कर्मचारी है जबकि निगम की तरफ से करवाए गए सर्वे के अनुसार निगम के पास 1040 सफाई कर्मचारी होने चाहिए। अभी भी निगम को 318 कर्मचारियों की जरूरत है। अगर इन 200 कर्मचारियों को भी शामिल कर लिया जाए, तब भी निगम को और कर्मचारियों की जरूरत होगी।