हांसी। हांसी पुलिस ने गुम और खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिछले दो महीनों में 66 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार ने बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को अपने हाथों से सौंपे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। मोबाइल मालिकों ने हांसी पुलिस की कार्रवाई के लिए आभार जताया। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं है, बल्कि इनमें बैंकिंग संबंधी जानकारी, व्यक्तिगत दस्तावेज, फोटो, संपर्क नंबर और अन्य महत्वपूर्ण डेटा भी मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर नागरिकों को तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए और CEIR पोर्टल पर भी मोबाइल की जानकारी दर्ज करवानी चाहिए। गुम मोबाइल फोन बरामद करने के लिए साइबर सेल हांसी के इंचार्ज उप निरीक्षक विपिन और उनकी टीम ने तकनीकी माध्यम से लगातार कार्रवाई की। टीम ने गुम हुए मोबाइल फोन के IMEI नंबरों को ट्रेसिंग पर लगाया और तकनीकी जानकारी के आधार पर मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, पिछले दो महीनों में कुल 66 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये है। एसपी हांसी ने बताया कि CEIR भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की व्यवस्था है। मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में इसके माध्यम से डिवाइस को ब्लॉक करवाने की सुविधा मिलती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर पहले पुलिस को सूचना दें और इसके बाद CEIR पोर्टल पर मोबाइल को ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया पूरी करें। मोबाइल का 15 अंकों का IMEI नंबर *#06# डायल करके देखा जा सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई कि वे अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर मोबाइल को ट्रेस और ब्लॉक करवाने में आसानी हो। हांसी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर देरी न करें और तुरंत पुलिस को सूचना देकर आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी करवाएं।