पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर सोमवार को हांसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा की ओर से चलाए जाने वाले माहव्यापी सेवा संकल्प अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके तहत हरियाणा में 13 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान का कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा रहेगा। मनीष ग्रोवर ने कहा कि जनसेवा ही प्रभु सेवा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार के 25 वर्षों के विकास कार्यों को जनता के बीच ले जाने का काम किया जाएगा और सेवा गतिविधियों के माध्यम से लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। पूर्व मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता भाजपा को नसीहत देने से पहले अपने शासनकाल को देखें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार, जातिवाद और अव्यवस्था का बोलबाला रहा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बीएड डिग्री से जुड़े कथित घोटाले को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। मनीष ग्रोवर ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में युवाओं, किसानों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, महिलाओं, दलितों और पिछड़े वर्ग समेत हर वर्ग के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि वे भाजपा को शिक्षा और व्यवस्था के मुद्दे पर किस आधार पर घेर रहे हैं। अभय सिंह चौटाला द्वारा खाप नेताओं को कथित तौर पर बिकाऊ कहे जाने के सवाल पर मनीष ग्रोवर ने कहा कि किसी भी समाज के ऊपर इस तरह के प्रश्न खड़े किए जाएंगे तो समाज उसका जवाब देगा। उन्होंने कहा कि खाप और सामाजिक संस्थाओं की अपनी भूमिका है और किसी भी समाज के लोगों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले बयान उचित नहीं हैं। हांसी समेत प्रदेश के शहरों में सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने कांग्रेस सरकार के पुराने कार्यकाल पर भी निशाना साधा। मनीष ग्रोवर ने कहा कि 2014 से पहले शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते थे। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र और रोहतक का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कई स्थानों पर कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता था। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान शहरों में कूड़ा जमा हुआ, लेकिन हड़ताल खत्म होते ही सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर आ गई। उन्होंने कहा कि सरकार की व्यवस्थाओं में कमियां हो सकती हैं, लेकिन कमियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में कर्मचारियों के लगातार धरने-प्रदर्शन को लेकर पूर्व मंत्री ने कहा कि हर कर्मचारी संगठन को अपनी मांग रखने का अधिकार है। सरकार और प्रशासन मांगों पर विचार करते हैं और जो मांग उचित होती है, उसे स्वीकार किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ मांगें बजट से जुड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें लागू करने में समय लगता है। हांसी में सफाई कर्मचारियों के 37 दिन चले धरने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले पटवारी और अन्य कर्मचारी भी आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर मांग को तुरंत स्वीकार कर लागू कर दिया जाए तो प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठन आंदोलन पर उतर आएंगे। सरकार को किसी भी मांग पर फैसला लेने से पहले उसका अध्ययन करना पड़ता है और प्रक्रिया में समय लगना स्वाभाविक है।