हांसी अनाज मंडी में पूर्व सरपंच सोमेश कुमार और किसान यूनियन ने की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, वेब सीरीज पर प्रतिबंध लगाने और खाप पंचायत की महापंचायत बुलाने की मांग हांसी की अनाज मंडी में चानौत के पूर्व सरपंच सोमेश कुमार और किसान यूनियन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणवी कलाकार अमित सैनी रोहतकिया की नई वेब सीरीज ‘भाई साहब’ को लेकर विरोध जताया। पूर्व सरपंच ने वेब सीरीज में कथित तौर पर नशे, गाली-गलौज, शराब और सिगरेट जैसे दृश्यों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने हरियाणा सरकार से मामले में संज्ञान लेने, वेब सीरीज की सामग्री हटाने और उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। साथ ही, इस मुद्दे पर खाप पंचायतों की बड़ी महापंचायत बुलाने का आह्वान किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमेश कुमार ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा के पवित्र माने जाने वाले खाप चौबीसी के चबूतरे पर खाप प्रतिनिधियों, बुजुर्गों, युवाओं और कलाकारों की मौजूदगी में संकल्प लिया गया था कि कोई भी ऐसा गाना, फिल्म या वेब सीरीज नहीं बनाई जाएगी, जिसकी सामग्री परिवार के साथ बैठकर देखना या सुनना मुश्किल हो। उनके अनुसार, इस संकल्प का उद्देश्य हरियाणा की संस्कृति को सुरक्षित रखना और युवाओं को नशे तथा गन कल्चर से दूर रखना था।सोमेश कुमार ने आरोप लगाया कि अमित सैनी रोहतकिया की नई वेब सीरीज में इस संकल्प की भावना के विपरीत सामग्री दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि जब कलाकारों ने सार्वजनिक रूप से ऐसा संकल्प लिया था, तो उन्हें उसकी मर्यादा का पालन करना चाहिए। पूर्व सरपंच ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी सवाल किए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐसी सामग्री सामने आ रही है, जो उनके अनुसार युवाओं पर गलत प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने अमित सैनी रोहतकिया को संस्कृति विभाग में गुरुग्राम से जुड़े पद पर नियुक्त किए जाने के विषय का भी उल्लेख किया। सोमेश कुमार ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कलाकारों और सरकार के बीच संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। सोमेश कुमार ने आरोप लगाया कि वेब सीरीज में हरियाणा पुलिस की छवि और मनोबल को प्रभावित करने वाला चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चला रही है और नशे को समाप्त करने के लिए पुलिस के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है।उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवारों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को भी इसमें योगदान देना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसी सामग्री को लेकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, जो युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। समाजसेवी सुभाष फौजी ने हरियाणा की तमाम खाप पंचायतों और समाज के मौजिज लोगों से इस मामले पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस चबूतरे पर युवाओं और कलाकारों ने सामाजिक मर्यादा बनाए रखने का संकल्प लिया था, उसी संकल्प के उल्लंघन के आरोपों पर खाप प्रतिनिधियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि वेब सीरीज की विवादित सामग्री को तत्काल हटाया जाए और संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनका विरोध किसी विशेष जाति या समाज के खिलाफ नहीं है। यदि किसी भी समाज का व्यक्ति ऐसी सामग्री प्रस्तुत करता है, तो उसका विरोध होना चाहिए। किसान नेता नसीब कुमार ने कहा कि हरियाणा के युवा खेलों में पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को नशे और हिंसा से दूर रखकर खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज नशे के खिलाफ पहले भी खड़ा था और आगे भी इस लड़ाई में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने सरकार, खाप पंचायतों और सामाजिक संगठनों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।