हांसी में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा द्वारा इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला द्वारा शिक्षा मंत्री के समर्थन में आई खाप पंचायत को लेकर दिए गए बयान पर महिपाल ढांडा ने पलटवार करते हुए कहा कि वह अभय चौटाला के लिए हाथ जोड़कर केवल यही कह सकते हैं कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे। वही सरकारी भर्तियों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी करने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश में पहली बार इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि युवाओं को पहले से पता हो कि कौन सी भर्ती कब आएगी, ताकि वे उसी हिसाब से तैयारी कर सकें और उम्र निकलने की चिंता न रहे।मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी सपना है कि प्रदेश में भर्ती कैलेंडर की व्यवस्था लागू हो। इस दिशा में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है। अभय चौटाला द्वारा कांग्रेस के गढ़ नूंह में रैली किए जाने और दीपेंद्र हुड्डा के बयान को लेकर शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस और इनेलो पर कटाक्ष किया।उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा और अभय चौटाला पहले यह तय कर लें कि कौन किसकी बात कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर नेताओं के पास इतनी ही ताकत है कि वे किसी की सरकार बनवा या गिरवा सकते हैं, तो फिर उन्होंने अपनी सरकार क्यों नहीं बना ली। मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि नेताओं को ऐसी बातें करनी चाहिए जो जनता के बीच जायज हों, केवल राजनीतिक बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा। कॉलेज में लंबे समय से खाली पड़े पदों के सवाल पर महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार ने प्रदेशभर के कॉलेजों में खाली पदों का सर्वे कराया है। इसकी रिपोर्ट आ चुकी है और खाली पदों को भरने के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग को भी लिखा गया है। उन्होंने कहा कि एचपीएससी ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और कई कॉलेजों में भर्ती की अनुमति भी दी जा चुकी है। जैसे-जैसे नीचे से रिपोर्ट आएगी, उसी के आधार पर रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। हांसी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कंडम कमरों के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पर्याप्त सुरक्षित कमरे उपलब्ध हैं या नहीं।उन्होंने कहा कि यदि बच्चों के लिए कमरों की कमी है तो सरकार तत्काल व्यवस्था करेगी। वहीं कंडम घोषित कमरों को तुरंत खाली कराने और उन्हें डैमेज घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की दुर्घटना की संभावना न रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में नई बिल्डिंग की जरूरत होने पर आवश्यकता के अनुसार काम कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को भी 25 लाख रुपये तक के कार्य कराने का अधिकार दिया गया है। करीब एक लाख शिक्षकों से जुड़े ट्रांसफर ड्राइव के सवाल पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर शिक्षक को उसकी पसंद के स्टेशन पर भेजा जाए।उन्होंने कहा कि ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर सरकार ने पूरी तैयारी की थी और मुख्यमंत्री की ओर से भी इसकी घोषणा की गई थी। लेकिन प्रक्रिया के दौरान कई तरह की कानूनी और अन्य अड़चनें सामने आईं। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को कोई समस्या है, वे एक बार में अपनी बात सरकार के सामने रखें, ताकि सभी समस्याओं का समाधान किया जा सके। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार की नीयत साफ है और वह अपने श्रेष्ठ गुरुजनों को उनकी मनपसंद स्टेशन पर भेजने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी उलझनों को सुलझाते हुए सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।