पूर्व जिला परिषद चेयरमैन राजेंद्र सूरा, जाट शिक्षण संस्थान के पूर्व महासचिव थंबूराम, जाट धर्मशाला के पूर्व प्रधान जगजीत सिंह जंगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जाट शिक्षण संस्थान के चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाने चाहिएं। कॉलेजियम चुनाव के लिए वार्डबंदी में बदलाव कर नियमों की अनदेखी की गई है। पिछले लंबे समय से संस्था की सदस्यता के लिए भी किसी को अवसर नहीं दिया गया। वीरवार को एक निजी होटल में मीडिया से बातचीत करते हुए राजेंद्र सूरा, थंबूराम , जगजीत सिंह जंगी, सरपंच प्रतिनिधि प्रदीप भ्याण ने कहा कि जाट शिक्षण संस्थान में पिछले एक दशक से कोई काम नहीं कराए जा रहे। संस्था के पदाधिकारियों की ओर से किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसी के चलते जाट शिक्षण संस्थान का स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंचा। संस्था के पदाधिकारियों ने पिछले तीन साल कार्यकाल में कोई काम नहीं किया। अब चुनाव को भी अवैध तरीके से कराने का प्रयास किया जा रहा है। नियमों के अनुसार कॉलेजियम की वार्डबंदी में बदलाव नहीं किया जा सकता। किसी मतदाता की मौत हो जाने पर उसका नाम हटाया जा सकता है। नए सदस्यों को जोड़ा जा सकता है लेकिन उनके लिए अलग कॉलेजियम बनेंगे। चुनाव को लेकर मतदाता सूची तक चस्पा नहीं की गई। इन गड़बड़ियों के चलते चुनाव कुछ लोगों ने चुनाव लेकर रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी कार्यालय में चुनौती दी। डीआर की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। निर्वाचन अधिकारी चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराएं। नए लोगों को सदस्य बनने के लिए मौका दिया जाए। समय समय पर आमसभा बुला कर सदस्यों की राय लेनी चाहिए।