हांसी में धान खरीद को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धान की खरीद एमएसपी पर नहीं होने और खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए आज किसान संगठनों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन की अगुवाई किसान नेता संदीप चहल ने की। इस दौरान किसानों और आढ़तियों के बीच भी आमने-सामने की स्थिति देखने को मिली। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मंडियों में किसानों को उनकी फसल का निर्धारित भाव नहीं मिल रहा है। किसानों के अनुसार, धान का निर्धारित एमएसपी 2461 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन इसके बावजूद कई किसानों की धान की ढेरियां करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदी जा रही हैं। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें प्रति क्विंटल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आढ़तियों पर भी सवाल खड़े किए। किसानों का आरोप है कि कुछ आढ़ती उनके समर्थन में खड़े होने का केवल दिखावा कर रहे हैं और सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। हालांकि, ये किसानों के आरोप हैं। किसानों ने धान की सुचारू खरीद नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से चलाया जाए और सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी पर ही धान की खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके। किसान संगठनों ने प्रशासन को आज शाम तक का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया, तो मार्केट कमेटी कार्यालय पर स्थायी रूप से ताला लगा दिया जाएगा। किसानों के इस ऐलान के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और धान खरीद को लेकर जारी गतिरोध का समाधान कैसे निकलता है। फिलहाल, हांसी में धान खरीद का मुद्दा गरमा गया है और किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।