डंकी रूट से विदेश जाना अपनी ओर करिअर दोनों को जोखिम में डालना है। डंकी रूट के जरिए जाने से पहले एक एक बार उनको डिपोर्ट किए जाने की कहानियां जरूर पढ़ लें। कितने युवा तो ऐसी कहानी बताने के लिए जिंदा वापस भी नहीं आ सके। अपने देश में भी रोजगार के अच्छे अवसर हैं। थोड़ी ज्यादा मेहनत कर अपने घर में ही ईज्जत की रोटी सबसे बेहतर है।अगर आपको विदेश में जाना ही हो तो अच्छी शिक्षा के दम पर वैध तरीके से जाएं। यह विचार अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे युवाओं ने रखे।
राजकीय पीजी कॉलेज की छात्रा करीना ने कहा कि गैर कानूनी तरीके से जाने वाले को हमेशा डर रहता है। ऐसा व्यक्ति कभी चैन की नींद भी नहीं ले पाता। दूसरे देशों के सख्त कानूनों के चलते डंकी रूट से जाने वालों को प्रताड़ना के साथ वापस भेजा जाता है। अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर विदेश जाने वाले युवा को इस तरह से वापस लौटने पर उनका मनोबल पूरी तरह से टूट जाता है। प्रदेश व केंद्र सरकार को युवाओं के रोजगार के लिए अधिक काम करना चाहिए।