फतेहाबाद जिले के गांव बरसीन का प्रगतिशील किसान राजेंद्र कुमार बीते 12 वर्षों से जैविक खेती कर रहे हैं। जहां किसान अधिक पैदावार लेने की चाह में रासायनिक खादों और कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं। वहीं किसान राजेंद्र जैविक खेती को अपनाकर अपनी सेहत और आर्थिक स्थिति में सुधार करके अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं। इसके लिए उन्हें किसान दिवस पर सम्मानित भी किया जा चुका है। खेती को घाटे का सौदा मानने वाले किसानों के लिए राजेंद्र एक नई राह दिखा रहे हैं। राजेंद्र पिछले 12 सालों से पूरी तरह जहर मुक्त जैविक खेती कर रहे हैं। उनकी इस पहल ने उनके परिवार को बीमारियों से दूर रखा है, और बाजार में उनके उत्पादों की मांग भी अधिक है। ग्राहक उनके घर से ही फसल और सब्जियां खरीद कर ले जाते हैं। किसान का मानना है कि जैविक खेती केवल पैसा कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि धरती और इंसानियत को बचाने का एक संकल्प है।