नायब तहसीलदार विचित्र नंद की कार्यप्रणाली के विरोध और उनके तबादले की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ का धरना मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा। तहसील कार्यालय परिसर में चल रहे इस धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।किसान यूनियन ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि बुधवार दोपहर 12:00 बजे तक नायब तहसीलदार का तबादला नहीं किया गया, तो एक अहम बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें रोड जाम या ट्रैक्टर मार्च जैसे कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।धरने की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष राजविंदर चहल और प्रदेश प्रवक्ता राम जाट ने प्रशासनिक ढुलमुल रवैए पर तीखा प्रहार किया। किसान नेताओं ने कहा की पिछले 14 दिनों से किसान शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार को खुलकर संरक्षण दिया जा रहा है।किसानों के साथ कथित दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के मामलों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जब तक नायब तहसीलदार का तबादला नहीं किया जाता, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा। यूनियन नेताओं के अनुसार उनका यह विवाद मार्च महीने से लगातार चला आ रहा है। उस समय भी भ्रष्टाचार की जांच और तबादले की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। तब उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संबंधित अधिकारी को छुट्टी पर भेज दिया गया था।किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने अपने वादे पूरे नहीं किए। अधिकारी की वापसी के बाद फिर से दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आने लगीं, जिसके चलते किसानों को दोबारा धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। बुधवार दोपहर 12 बजे तय होगी आगे की रणनीति प्रदेश प्रवक्ता राम जाट ने बताया कि बुधवार दोपहर 12:00 बजे होने वाली बैठक में आगामी रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन के तहत वर्तमान धरने को उपायुक्त कार्यालय के बाहर शिफ्ट कर उनके कार्यालय का घेराव किया जा सकता है या ट्रैक्टरों के साथ तहसील परिसर का घेराव किया जाएगा या फिर मुख्य मार्ग जाम किए जा सकते हैं और यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश स्तर पर बड़ी कॉल देकर किसानों को एकजुट किया जाएगा।