अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद एसडीएम आकाश शर्मा के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खेती-किसानी के संकट को लेकर गहरी चिंता जताई और सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। किसान नेता जगतार सिंह ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया कि बीज, खाद, स्प्रे और औजार महंगे होने से खेती घाटे का सौदा बन गई है। फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। दूसरी तरफ बाढ़, ओलावृष्टि, आगजनी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन मुआवजा नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि मुख्य मांगो में बरसात से पहले घग्घर नदी, हांसी घग्घर ड्रेन और नालों की सफाई व बंधाई युद्धस्तर पर हो। टोहाना के भीमेवाला, लहरिया, रेहनखेड़ी, भूना के ढुल्ट, ढाणी सांचला और भट्टू के पीलीमंदौरी, जांडवाला बागड़ समेत दर्जनों गांव हर साल जलभराव से जूझते हैं। पिछले साल में बाढ़ व जलभराव से हुए नुकसान का तुरंत भुगतान किया जाए। बैंकों में नकदी की कमी से लेनदेन ठप है। तुरंत कैश उपलब्ध कराया जाए। डीजल, पेट्रोल, गैस व खाद के बढ़े दाम वापस हों। भारी टैक्स हटाए जाएं। बीज विधेयक 2025, बिजली निजीकरण बिल 2025 और प्रीपेड मीटर नीति को किसान विरोधी बताते हुए तुरंत रद्द करने की मांग की। किसान नेताओं ने चेताया कि कंपनियों को लाभ देने वाले कानून जनता पर बोझ हैं। ज्ञापन में राष्ट्रपति से समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान की अपील की गई। इस दौरान किसान यूनियन से हल्का प्रधान बलवंत समैन, जिलाध्यक्ष लाभ सिंह, सुखविंद्र, बलवान सिंह, रामफल, हकीम खान, अमर सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।