बावल क्षेत्र के रसियावास फाटक के पास स्थित एक जोहड़ में बकरी चरवाहे के डूबने की आशंका पर हड़कंप मच गया। चरवाहा डूबा या नहीं, पुलिस इसके लिए गोताखोरों की मदद ले रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक चरवाहा अपनी बकरियों को चराते समय जोहड़ में उतर गया था। चार बकरियां जोहड़ में गिर गई थीं, जिनमें से दो बाहर निकल आईं, जबकि दो फंस गई थीं। चरवाहा बकरियों को बचाने के लिए जोहड़ में उतरा, लेकिन उसके बाद वह बाहर नहीं आया। जोहड़ की गहराई लगभग 60 फीट है और उसमें लंबे समय से कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे वह जगह दलदली हो चुकी है। इस कारण किसी के उसमें फंसने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल युवक के डूबने की पुष्टि नहीं हो पाई है। वही, चरवाहा राजू के भतीजे ने बताया कि वह राजस्थान के रहने वाले हैं। अपने बच्चों व पत्नी से दूर रहकर बकरी चराने का कार्य करते थे। 2 बकरी जोहड़ में रह गई थी, उसको निकालने के लिए वह गए थे। उसके बाद से ही उनका कुछ अता पता नहीं है। डायल 112 की टीम का कहना है कि सर्च अभियान चलाया गया था, अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। बावल थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और गोताखोरों की टीम को बुलाया गया है, जो तलाशी अभियान चला रही है।