गुजरात में ड्यूटी के दौरान दम तोड़ने वाले मिसरी गांव निवासी बीएसएफ जवान वेदपाल की मंगलवार को गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। उनकी अंतिम यात्रा में मिसरी समेत आस-पास के गांवों के लोग शामिल हुए। परिजनों से प्राप्त जानकारी अनुसार वेदपाल वर्ष 1989 में बीएसएफ में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती अहमदाबाद में बीएसएफ 21 बटालियन में थी। सोमवार को तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हो गया। मंगलवार को उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव मिसरी पहुंची और वहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इकलौते बेटे शशांक ने उन्हें मुखाग्नि दी। वहीं, बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मेवासिंह की अगुवाई में दिल्ली से बीएसएफ की टुकड़ी दिवगंत जवान को सलामी देने पहुंची। अंतिम संस्कार में बौंदकलां एसएचओ राजकुमार भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि वेदपाल की शादी गीता से हुई थी जो गृहिणी हैं। बेटी शालू शादीशुदा है जबकि बेटा शशांक अविवाहित है। करीब दस सालों से उनका परिवार रेवाड़ी में रह रहा है।