आशा वर्कर्स पूरे देश में कुछ इंसेंटिव बेस मानदेय पर भारत सरकार और राज्य सरकार की स्वास्थ्य से संबंधित मुहिम को जनता तक पहुंचाने का कार्य करती हैं। लेकिन सरकार उनकी मांग को मानने की बजाय मानसिक प्रताड़ना दे रही है। यह बात दादरी जिला की आशा वर्कर्स ने सीएमओ को हड़ताल का ज्ञापन सौंपने के बाद कही। जिला प्रधान कमलेश भैरवी ने बताया कि 12 साल से आशा वर्कर्स के इंसेंटिव नहीं बढ़ाए गए हैं और आशा वर्कर्स के काम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार आशा वर्कर पर बिना संसाधन दिए ऑनलाइन काम करने का दबाव बना कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आशा वर्कर्स के इंसेंटिव को रोका जा रहा है और इससे आशा वर्कर्स की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।