विभिन्न सरकारी योजनाओं में कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर्स, हेल्पर्स, आशा वर्कर्स और मिड-डे मील वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रोज गार्डन से विधायक सुनील सांगवान के आवास तक मार्च निकाला। इसके बाद विधायक आवास के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के नाम ज्ञापन सौंपकर योजना कर्मचारियों को नियमित करने, न्यूनतम वेतन लागू करने और अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्षों से विभिन्न सरकारी योजनाओं में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। महिलाओं ने कहा कि आंगनबाड़ी, आशा और मिड-डे मील जैसी योजनाओं के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त वेतन और कर्मचारी संबंधी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ज्ञापन में 45वें श्रम सम्मेलन के निर्णय के अनुसार सभी स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये करने, बकाया मानदेय का भुगतान करने और मिड-डे मील वर्कर्स की छंटनी रोकने समेत सात मांगें रखी गईं। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।