करनाल जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 80% से अधिक फसल की कटाई पूरी हो चुकी है। जहां भी पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, वहां 7 एफआईआर दर्ज कर ₹45,000 का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए 750 से ज्यादा अधिकारियों को गांव-गांव भेजा गया है, जो किसानों को वैकल्पिक उपाय अपनाने की जानकारी दे रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि पराली प्रबंधन के प्रयासों का असर दिख रहा है, क्योंकि इस साल करनाल का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसान बिना पराली जलाए फसल अवशेष का सही प्रबंधन करें ताकि प्रदूषण को रोका जा सके।