पराली जलाने वाले किसानों पर अब लंबे समय तक कार्रवाई की तलवार लटक सकती है। केंद्र सरकार ने एक मसौदा तैयार किया है। इसके तहत पराली या फसल अवशेष जलाने वाले किसान की जमीन की रेड एंट्री 15 माह तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज रहेगी। इस अवधि में दोबारा पराली जलाने या पूर्व में लगाया गया जुर्माना नहीं भरने पर रेड एंट्री की अवधि 15 माह और बढ़ाई जा सकेगी। मसौदे पर केंद्र ने 60 दिन में सुझाव मांगे हैं। अंतिम रूप मिलने के बाद इसके प्रावधान एनसीआर समेत हरियाणा में भी लागू हो सकते हैं। रेड एंट्री दर्ज होने से संबंधित किसान को फसल बेचने के साथ ऋण और जमीन को बंधक रखने जैसी प्रक्रियाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसान 15 माह की अवधि में दोबारा फसल अवशेष नहीं जलाता और निर्धारित शर्तों का पालन करता है तो अवधि पूरी होने के बाद उसे रेड एंट्री की श्रेणी से बाहर कर दिया जाएगा।