उत्तर रेलवे के अंबाला छावनी रेलवे स्टेडियम में चल रही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में हाईटेक AI कैमरों की मदद से फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ की परीक्षा में महज तीन दिनों के भीतर सात ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों को पकड़ा गया, जो कथित तौर पर दूसरे उम्मीदवारों की जगह दौड़ लगा रहे थे निगरानी कर रही एजेंसी के AI कैमरों के डेटा और बायोमेट्रिक मिलान के दौरान इन मामलों का पता चला। जांच में सामने आया कि राजस्थान निवासी गिरराज मीना ने अंबाला में परीक्षा दी, जबकि इससे पहले वह 5 सितंबर को नागपुर में अपने रिश्तेदार की जगह दौड़ चुका था। इसी तरह फिरोजाबाद निवासी संदीप कुमार के रतलाम में अपने संबंधी की जगह परीक्षा देने की जानकारी सामने आई। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय AI कैमरे अभ्यर्थी का चेहरा स्कैन करते हैं और उसे आधार डेटा व आवेदन पत्र में लगी तस्वीर से मिलाते हैं। चेहरे के नैन-नक्श में अंतर मिलने पर सिस्टम अलर्ट जारी करता है। मंडल रेल प्रबंधक की ओर से गठित जांच समिति की सिफारिश के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले में कार्रवाई की। सहायक कार्मिक अधिकारी की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए AI आधारित निगरानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।