मनीषा मौत मामले में सीबीआई जांच के 50 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मनीषा की मौत के रहस्य से पर्दा नहीं उठा है। हत्या और आत्महत्या के बीच पेच फंसा हुआ है। हालांकि सीबीआई की टीम भिवानी के रेस्ट हाउस में तीन सितंबर से ही डेरा डाल मौत की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। मनीषा की एम्स दिल्ली में कराए गए तीसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई हत्या की थ्योरी पर ही काम कर रही है। वहीं, मनीषा के पिता संजय और परिजन शुरुआत से ही बेटी की हत्या की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि जांच सही दिशा में चल रही है। जल्द हत्यारों का पता चल जाएगा। ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा की मौत 11 अगस्त को लापता होने के चंद घंटों बाद ही हो गई थी। जबकि पुलिस को उसका शव 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास बरामद हुआ था। पहले पोस्टमार्टम में मनीषा की मौत को गला रेतकर हत्या बताया गया था लेकिन रोहतक पीजीआई के दूसरे पोस्टमार्टम में ये मौत आत्महत्या बताई गई। जिसमें मनीषा के शव को लावारिस कुत्तों द्वारा नोच खाने व जहर निगलने से मौत की आशंका जताई गई थी। इसी वजह से मनीषा के दिल्ली एम्स में तीसरे पोस्टमार्टम की नौबत आई।