फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भिवानी: अल्ट्रासाउंड केंद्र पर मरीजों को जांच के लिए करना पड़ रहा एक माह का इंतजार, लोगों को हो रही परेशानी

शाहिल शर्मा Updated Mon, 16 Jun 2025 06:32 PM IST

शहर के जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच करने का भार एक चिकित्सक के कंधे पर है। इस कारण मरीजों को जांच करवाने के लिए एक माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्थित केंद्र के बाहर सुबह से शाम तक स्टाफ सदस्य आवाज लगाता रहता है कि गर्भवती महिला की जांच पहले होगी बाकी अपना नंबर लगवा लो लेकिन मरीजों की पर्ची पर नंबर ऐसा लगता है कि मरीज को एक माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। इस कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीज केंद्र के बाहर लगी कुर्सियों पर तीन से चार घंटे बैठ कर इंतजार करते रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिला व बुजुर्गों को करनी पड़ रही है। बता दें कि अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 350 मरीज अल्ट्रासाउंड जांच करवाने पहुंचते हैं। लेकिन एक दिन में जांच सिर्फ 60 से 70 मरीजों की होती है। इसमें से 25 से 30 गर्भवती महिलाएं व 15 से 20 वॉर्डों में दाखिल मरीज होते हैं। इसके अलावा बचे हुए मरीजों को पांच दिन से लेकर एक माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। समय से जांच नहीं होने के कारण मरीजों को महंगे दाम पर निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से जांच करवानी पड़ रही है। वहीं, रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने के बाद तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर सुबह से शाम तक मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इस कारण मरीज जांच केंद्र के बाहर ही पेट दर्द से कराहते रहते हैं। गर्भवती महिलाओं को छोड़ कर बाकी सभी मरीजों का नाम दर्ज कर आगे की तारीख पर जांच के लिए बुलाया जाता है। इस बारे में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर एक रेडियोलॉजिस्ट है। वहीं, अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 300 से पार जाती है लेकिन रोजाना औसतन 60 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है। इस कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें