अब मंडियों में बाजरा की सरकारी खरीद नहीं होगी। किसानों को भावांतर भरपाई योजना के 600 रुपये प्रति क्विंटल से ही संतोष करना होगा। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। हालांकि अभी तक खरीद की पॉलिसी मंडियों में नहीं आई है। एक अक्तूबर को बाजरा की सरकारी खरीद की बाट जोह रहे किसानों के लिए ये निराशा जनक है। मंडियों में बाजरा की आवक तेज हो रही है। इसी के साथ सरकारी खरीद का संशय भी अब दूर हो गया है। प्राइवेट बोली पर ही किसानों का बाजरा बिकेगा और टोकन के हिसाब से किसानों के खाता में भावांतर का लाभ दिया जाएगा। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अपार तिवारी ने बताया कि बाजरा की मंडियों में सरकारी खरीद नहीं होगी। केवल भावांतर भरपाई ही मिलेगी। ---------------------------------------------------- बीपीएल परिवारों को नहीं मिलेगा अक्तूबर में बाजरा बीपीएल परिवारों को अक्तूबर माह का बाजरा आवंटित कर दिया है, लेकिन सरकार ने सभी मंडियों में बाजरा की सरकारी खरीद कराने की बजाए किसानों को भावांतर का लाभ देने का आदेश दिया है। विभाग के पास बाजरा का भी कोई भंडारण नहीं है। ऐसे में गरीबों की झोली में अक्तूबर में बाजरा नहीं पहुंचेगा। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने किसानों के बाजरा पर भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये का लाभ तय किया है, जबकि किसी भी मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद नहीं होगी। मंडियों में भी अब बाजरा की आवक तेज हो चुकी है। जिला मुख्यालय की मंडी में 35 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा आवक हो चुकी है। अब किसानों को प्राइवेट बोली पर ही बाजरा बिक्री का गेट पास मिलेगा।