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भिवानी: कवियों ने अपनी रचनाओं से भारतीय सेना के शौर्य का किया वंदन

शाहिल शर्मा Updated Mon, 09 Jun 2025 05:28 PM IST

महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित नेकीराम शर्मा की पुण्यतिथि पर रविवार देर रात पंचायत भवन में जिला प्रशासन के तत्वावधान में साहित्यकार मित्र मंडली भिवानी द्वारा सिंदूर वंदन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादी हमले का करारा जवाब देने वाली भारतीय सेना के शौर्य को समर्पित रहा। सुप्रसिद्ध कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय सेना को नमन किया और पाकिस्तान को चेताया। भिवानी से विधायक घनश्याम सर्राफ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए तथा अध्यक्षता डीसी महावीर कौशिक ने की। कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से सेना को नमन करने के साथ साथ हास्य और प्रेम रस की कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाने का भी काम किया। वयोवृद्घ कवि बिजेंद्र गाफिल ने अपनी कविता की लाइने कुछ इस प्रकार पढ़ी कि अश्क को झिंझोडक़र तो देखा जाए, आईने तो तोडक़र तो देखा जाए- तो क्या मेरा भगवान मुझसे खुश हुआ- नारियल को फोडक़र तो देखा जाए। चिकित्सक एवं कवि डॉ. शिव कांत शर्मा ने हास्य रस से भरी अपनी रचना सुनाई कि ठाढा मारै रोण ना दे, तू के कर ले मैं के कर लूं, बरसे कोन्या काल गेर दे, के बरसे यो रोज झमाझम, बीज बाजरा बोण ना दे, तू के करले मैं के करलूं, खाट म्है खटमल कान में माछर, रोंदू टिंगर सासू खूसट, ना सोवे और सोण ना दे, तू के करले, मैं के कर लूूं, के द्वारा सभी को गुदगुदाने का काम किया।

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