लोहारू क्षेत्र के गांव फरटिया ताल निवासी 28 वर्षीय विशाल की सड़क हादसे में मौत के बाद उनके परिवार द्वारा लिया गया अंगदान का निर्णय मानवता और समाजसेवा की मिसाल बन गया। दुख और गम के इस माहौल में परिवार ने विशाल के आठ अंग दान कर आठ लोगों को नया जीवन देने का कार्य किया। इस भावुक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई तथा अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम दिखाई दी। विशाल चरखी दादरी में सिंचाई विभाग में एचकेआरएन के तहत कार्यरत था। 13 मई को वह मोटरसाइकिल पर सरकारी कार्य से चरखी दादरी से घसोला जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में अचानक मोटरसाइकिल खड्डे में लगने से फिसल गई और उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसे के बाद घायल अवस्था में उसे चरखी दादरी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। परिजनों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए एक निजी अस्पताल में भी उपचार करवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड बताए जाने के बाद परिवार पुन पीजीआई रोहतक लेकर पहुंचा। वहां निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल और एपनिया टेस्ट सहित सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने विशाल को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। विशाल के चाचा लोहारू मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राजीव श्योराण ने बताया कि विशाल मेहनती, ईमानदार और मिलनसार स्वभाव का युवक था। करीब चार वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था तथा उसकी एक छोटी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। विशाल अपने परिवार के साथ ढाणी ढोला में रहता था, जबकि उसका पैतृक गांव फरटिया ताल है। उन्होंने बताया कि परिवार ने दुख की इस घड़ी में बड़ा फैसला लेते हुए विशाल के आठ अंग दान किए हैं। इनमें हार्ट को मनिपाल अस्पताल, लीवर को आर्मी आरआर हॉस्पिटल, एक किडनी को पीजीआईएमएस रोहतक, दूसरी किडनी को चंडी मंदिर पंचकूला आर्मी अस्पताल तथा आंखों को पीजीआईएमएस नेत्र चिकित्सालय रोहतक भेजा गया। यह अंगदान आठ लोगों की जिंदगी बचाने का माध्यम बनेगा। राजीव श्योराण ने बताया कि इतनी छोटी उम्र में विशाल का परिवार को छोड़कर चले जाना बेहद दुखद है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।