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भिवानी में सात दिन के संघर्ष के आगे झुका प्रशासन, विधायक ने जूस पिलाकर करवाया आमरण अनशन समाप्त

श्राद्ध पक्ष की अमावस्या के दौरान गो सेवा के नाम पर बरती गई लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी के चलते भिवानी में 12 गायों की अकाल मौत और दर्जनों गोवंश के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के विरोध में चल रहा आंदोलन आखिरकार सफल रहा। गोरक्षा दल भिवानी द्वारा प्रधान संजय परमार के नेतृत्व में विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास पर पिछले 7 दिनों से धरना तथा 5 दिनों से आमरण अनशन जारी था। शनिवार को 7 दिन के कड़े संघर्ष के बाद प्रशासन को गोरक्षकों की मांगों के आगे झुकना पड़ा। इस दौरान भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने लिखित आश्वासन का पत्र सौंपकर तथा जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। पिछले 5 दिनों से आमरण अनशन पर गोरक्षक बलदेव, अमित बीरण, मोनू राणा और संजय परमार बैठे थे। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद से वरूण बजरंगी ने कहा कि प्रशासन की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत पितृ पक्ष में गो माता को अत्यधिक मात्रा में ग्रास दिए जाने के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी गौरक्षा दल के साथ अधिकारिक सदस्यों का सहयोग लेते हुए पितृ पक्ष से पहले डोर-टू-डोर गोरक्षा अभियान चलाएगी और आमजन को जागरूक करेगी। इसके अलावा कमेटी यह भी निरीक्षण करेगी कि जो व्यक्ति दूध दोहन के उपरांत गायों को आवारा गलियों में छोड़ देते हैं, उनके खिलाफ थाना शहर, भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कमेटी के नोडल अधिकारी एसडीएम रहेंगे तथा नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी, पशुपालन विभाग के उप निदेशक, जिला सूचना एवं लोकसंपर्क अधिकारी तथा गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार सदस्य के तौर पर कार्य करेंगे।

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