महामाई माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना में हर साल की तरह इस साल भी माता बाला सुंदरी में देवी मां की दिव्य पिंडी को 51 किलो मक्खन का लेप किया गया। जिसे 22 जनवरी को सुबह हवन करने के बाद श्रद्धालुओं में चर्म रोग दूर करने की औषधि के रूप में बांटा जाएगा। जिसे लेने सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पंहुचते है। लोगों में मान्यता है कि यह मक्खन रूपी औषधि लोगों के चर्म रोग दूर करती है। यह है मान्यता मंदिर पुजारी पंडित चिरंजीवी ने बताया कि जब माता बाला सुंदरी भैरों के प्रहार से घायल हो गईं थीं, तब माता ने मकर संक्राति के दिन मक्खन से सात दिन तक लेप किया था। जिससे माता के जख्म ठीक हो गये थे। इसलिये हर साल मकर संक्रांति के दिन मुलाना मंदिर में माता की दिव्य पिंडी को मक्खन का लेप लगाया जाता है। जिसके बाद उस मक्खन को औषधि के रूप में लोगो को वितरित किया जाता है। जिससे लोगों के चर्म के रोग दूर हो जाते हैं। लोगों को हो रहा फायदा माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना में मकर संक्रांति पर माता की दिव्य पिंडी पर किए लेप में 6 किलो मेवा व 45 किलो मक्खन का प्रयोग किया है। मंदिर कमेटी सचिव अशोक राणा ने बताया कि मक्खन रूपी लेप को औषधि के रूप में बांटे जाने की मान्यता माता बृजश्वेरी मंदिर कांगड़ा के बाद केवल माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना में ही है । जोकि मुलाना में पिछले 14 वर्षों से जारी है। उन्होनें बताया कि इस औषधि से लोगों को फायदा होता है जिससे भारी सख्यां में लोग इसे लेने पंहुचते है।