गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने और नीतियों का विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए। मुख्यमंत्री रविवार को गुरुग्राम में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज जरूरत आरोपों की राजनीति की नहीं, बल्कि तथ्यों की राजनीति की है। चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) किसी एक सरकार या राजनीतिक दल की संस्थाएं नहीं हैं। इनकी प्रतिष्ठा पूरे देश और लोकतंत्र की पूंजी है। चुनाव आयोग ने एसआईआर से जुड़े अपने निर्णय और प्रक्रिया स्पष्ट की है।