जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली भारोत्तोलक मीराबाई चानू और कोच विजय शर्मा का बुधवार को मोदीनगर पहुंचने पर दिल्ली-मेरठ मार्ग पर स्थित वेटलिफ्टिंग वॉरियर्स अकादमी में जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत को 28 वर्षों के बाद पदक मिला है। इससे पहले साल 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था। पदक जीतने की खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है। पद्मश्री मीराबाई चानू ने कहा कि ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने के बाद उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में पदक जीतने का था। मीराबाई चानू ने कहा कि अब उनका लक्ष्य ओलंपिक गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का है। वह ओलंपिक गेम्स के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। मीराबाई चानू ने कहा कि उन्हें मोदीनगर से बहुत स्नेह मिला है,उन्हें मोदीनगर आना बहुत अच्छा लगता है।