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फेस्टिव सीजन में महंगा हुआ हवाई सफर, एयरलाइंस कंपनियों ने इतने फीसदी बढ़ाया किराया!

Wed, 21 Oct 2026 03:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

त्योहारी सीजन में दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान अपने घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों को इस साल हवाई सफर के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। आमतौर पर त्योहारों के समय यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरलाइंस अपनी घरेलू उड़ानों और सीटों की क्षमता बढ़ाती हैं, लेकिन अक्टूबर 2026 में स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। देश की दो प्रमुख एयरलाइंस, इंडिगो और एयर इंडिया, ने पिछले साल की तुलना में इस त्योहारी सीजन में अपनी सीटों की क्षमता कम कर दी है। इसका असर हवाई किरायों पर पड़ रहा है और दिवाली से पहले कई यात्रियों के लिए हवाई टिकट खरीदना महंगा हो गया है। खासकर दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले उन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, जो त्योहार मनाने के लिए अपने घर लौटना चाहते हैं।

मार्केट शेयर के लिहाज से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के पास अक्टूबर 2026 में लगभग 1.31 करोड़ सीटें उपलब्ध हैं। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 0.2 प्रतिशत कम है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के आंकड़ों के मुताबिक, इंडिगो की क्षमता में पिछले कुछ महीनों के दौरान भी बदलाव देखने को मिला है। अगस्त 2026 में एयरलाइन के पास लगभग 1.17 करोड़ सीटें थीं, जबकि सितंबर 2026 में यह संख्या घटकर करीब 1.13 करोड़ रह गई। त्योहारी सीजन में यात्रा की मांग बढ़ने के बावजूद सीटों की उपलब्धता में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक किराया किसी खास रूट पर मांग, टिकट बुकिंग के समय और सीटों की उपलब्धता जैसे कारकों पर भी निर्भर करता है।

दूसरी ओर, देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन एयर इंडिया की क्षमता में अपेक्षाकृत बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अक्टूबर 2026 में एयर इंडिया के पास करीब 33 लाख सीटें हैं, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 12.6 प्रतिशत कम हैं। आंकड़ों के अनुसार, एयरलाइन के पास लगभग 4.78 लाख सीटें कम हैं। वित्तीय नुकसान और परिचालन संबंधी चुनौतियों के बीच एयर इंडिया अपने कारोबार को व्यवस्थित करने और खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर रही है। इसी वजह से उसकी उपलब्ध सीटों की संख्या पर भी असर दिखाई दे रहा है।

एयर इंडिया ने अगस्त 2026 के स्तर के आसपास अपनी क्षमता बनाए रखी, जबकि सितंबर 2026 में यह और घटकर लगभग 32 लाख सीटों पर पहुंच गई थी। आमतौर पर अगस्त को यात्रा के लिहाज से अपेक्षाकृत कम मांग वाला महीना माना जाता है, इसलिए त्योहारी सीजन में क्षमता का सीमित रहना महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, इंडिगो और एयर इंडिया की सीट क्षमता में कमी ऐसे समय में सामने आई है, जब दिवाली के आसपास हवाई यात्रा की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। मांग के मुकाबले सीटें सीमित रहने पर किरायों में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों के लिए सलाह यही है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले बनाएं, अलग-अलग एयरलाइंस के किरायों की तुलना करें और संभव हो तो टिकट की बुकिंग समय रहते कर लें। इससे त्योहारी सीजन में बढ़ते हवाई किरायों के असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

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