रिकॉर्ड निर्यात: दुनिया में छाया भारतीय बासमती चावल, आसमान छू रहा सफलता का ये आंकड़ा, खिले किसानों के चेहरे
मेरठ से अमर उजाला की खास रिपोर्ट : भारत का बासमती चावल दुनिया में छाया हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बासमती चावल का दुनिया के 150 देशों में रिकॉर्ड निर्यात हुआ है।
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भारतीय बासमती का स्वाद दुनियाभर में छा गया है। इस बार पिछले सालों की तुलना में रिकॉर्ड 45.6 लाख टन बासमती चावल का निर्यात किया गया। इससे 38524 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा भी मिली है। अच्छे दाम मिलने से निर्यातकों और किसानों के चहरे भी खिल गए हैं।
देश का एक मात्र सेंटर बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान (बीईडीएफ) मोदीपुरम में है। बीईडीएफ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बार बासमती ने निर्यात और विदेशी मुद्रा प्राप्त करने में रिकॉर्ड बनाया है। विदेश में भी बासमती महक बढ़ रही है। इसे यहां के लोग भी अधिक बासमती पंसद कर रहे हैं। दुनिया के 150 देशों में इस बार सबसे ज्यादा 45.6 लाख टन बासमती का निर्यात किया गया है। अच्छे परिणामों के चलते बीईडीएफ के वैज्ञानिक बासमती को लेकर निर्यातकों और किसानों को जागरूक भी कर रहे हैं।
इन देशों में जाता है बासमती
बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा के अनुसार, बासमती सऊदी अरब, ईराक, ईरान, कुवैत, ओमान, तुर्की, कनाडा, बेल्जियम, इटली, फ्रांस, मलेशिया, सीरिया, साउथ अफ्रीका, अलजीरिया, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, स्वीडन, जर्मनी, इजराइल, बाहरीन, ऑस्ट्रेलिया, जोरडन, नीदरलैंड, लेबनॉन, सिंगापुर, जापान, रसियन समेत करीब 150 देशों में बासमती का निर्यात होता है।
निर्यात की स्थिति
वर्ष कुल निर्यात विदेशी मुद्रा
2021-22 39.5 लाख टन 26416 करोड़ (3540.4 मिलियन यूएस डॉलर)
2023 45.6 लाख टन 38524 करोड़ (4787.5 मिलियन यूएस डॉलर)
नोट: पिछले वर्ष चावल 66.91 रुपये प्रति किलो के हिसाब से निर्यात हुआ, जबकि इस बार 84.50 रुपये प्रति किलों के हिसाब से निर्यात किया गया।
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भारतीय बासमती ने इस बार पिछले सारे रिकॉर्ड निर्यात और विदेशी मुद्रा अर्जित करने में तोड़ दिए हैं। दाम बढ़ने से निर्यातकों और किसानों को लाभ मिलेगा। बासमती की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। - डॉ. रितेश शर्मा, प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक, बीईडीएफ
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