झांसी में 78 बच्चों को मिली नई मुस्कान, निशुल्क क्लेफ्ट उपचार शिविर ने बदली जिंदगी
झांसी में नौ दिवसीय निशुल्क क्लेफ्ट उपचार शिविर में 78 बच्चों को नई मुस्कान मिली। सांसद अनुराग शर्मा की पहल पर वीरांगना फाउंडेशन और ऑपरेशन स्माइल ने यह शिविर आयोजित किया, जिसमें 17 जिलों के मरीज और नौ देशों के डॉक्टर शामिल हुए।
विस्तार
कटे होंठ और तालु से पीड़ित बच्चों के लिए एक नौ दिवसीय निशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर 6 सितंबर को झांसी में संपन्न हुआ। इस शिविर में 78 जरूरतमंद बच्चों का सफल उपचार किया गया। यह पहल झांसी-ललितपुर के सांसद अनुराग शर्मा की अहम भूमिका से संभव हुई। वीरांगना फाउंडेशन और ऑपरेशन स्माइल ने महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इसका संयुक्त आयोजन किया।
शिविर में मरीजों को यात्रा, स्थानीय परिवहन, आवास, भोजन, शल्य चिकित्सा और दवाइयां जैसी सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त प्रदान की गईं। सांसद अनुराग शर्मा ने बताया कि कटे होंठ और तालु की समस्या का समय पर उपचार आवश्यक है। हालांकि, इसकी उच्च लागत अक्सर गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर होती है। उन्होंने ऑपरेशन स्माइल के प्रयासों की सराहना की, जिसने बुंदेलखंड के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई। अनुराग शर्मा बैद्यनाथ के संयुक्त प्रबंध निदेशक भी हैं, जहां लोगों के लिए निशुल्क चिकित्सक परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान वापस लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक कठिनाई के कारण कोई बच्चा आवश्यक उपचार से वंचित न रहे। ऐसे सेवा कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेंगे।
क्या था पिछले शिविर का अनुभव?
फरवरी 2024 में भी एक शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया था। उस शिविर में 220 मरीजों की जांच की गई थी। इनमें से 113 मरीजों की सफल शल्य चिकित्सा हुई थी। उस शिविर में 16 देशों के 32 चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी थीं। पिछले शिविर की सफलता और मरीजों की आवश्यकता को देखते हुए इस बार भी बड़े स्तर पर यह सेवा अभियान चला।
इस पहल का उद्देश्य क्या है?
वीरांगना फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम शर्मा ने बताया कि यह सेवा अभियान का दूसरा आयोजन है। पहले आयोजन की सफलता ने इसे और व्यापक स्तर पर आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। ऑपरेशन स्माइल एक अमेरिका-आधारित धर्मार्थ संस्था है। यह दुनियाभर में जरूरतमंद बच्चों को क्लेफ्ट देखभाल प्रदान करती है। पूनम शर्मा ने भी बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने को अपना लक्ष्य बताया।
कौन-कौन से देश और क्षेत्र हुए शामिल?
इस शिविर में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के करीब 17 जिलों से मरीज आए थे। यूके, अमेरिका, कनाडा, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया, पेरू, मेक्सिको और फिलीपींस जैसे नौ देशों के डॉक्टरों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। शल्य चिकित्सा के अतिरिक्त दल ने वाक् चिकित्सा और ऑर्थोडोंटिक सहायता भी प्रदान की। ऑपरेशन स्माइल (एशिया) के एसोसिएट उपाध्यक्ष अभिषेक सेनगुप्ता ने बताया कि संस्था बुंदेलखंड के बच्चों के प्रति प्रतिबद्ध है। आगामी तीन वर्षों की योजना के तहत पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में 500 बच्चों की सुधारात्मक शल्य चिकित्सा का लक्ष्य रखा गया है।