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एआई का दांव: डीएस ग्रुप, डब्ल्यूपीपी मीडिया और एमआईसीए ने मिलकर लॉन्च की डिकोड 2.0 प्लेबुक, जानें इस बारे में

Fri, 18 Sep 2026 02:17 PM IST
Media Solutions Initiative Published by: मार्केटिंग डेस्क Updated Fri, 18 Sep 2026 02:17 PM IST
सार

डीएस ग्रुप, डब्ल्यूपीपी मीडिया और एमआईसीए ने लॉन्च की 'DCODE 2.0' प्लेबुक। जानें कैसे एआई और डिजिटल तकनीक बदल रहे हैं भारतीय विज्ञापन बाजार का चेहरा। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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DS Group Launches DCODE 2.0 in Collaboration with WPP Media & MICA to Drive AI Integrated Digital Marketing
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोग। - फोटो : डीएस ग्रुप

विस्तार

तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब केवल एक अतिरिक्त टूल नहीं, बल्कि मार्केटिंग रणनीति का मुख्य आधार बन चुका है। इसी बड़े बदलाव को दिशा देने के लिए एफएमसीजी क्षेत्र के दिग्गज धरमपाल सत्यपाल ग्रुप (डीएस ग्रुप) ने वैश्विक मीडिया नेटवर्क डब्ल्यूपीपी मीडिया और एमआईसीए (मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद) के साथ मिलकर डिजिटल मार्केटिंग प्लेबुक का नया और विस्तृत संस्करण 'DCODE 2.0' लॉन्च किया है। 17 सितंबर 2026 को जारी की गई यह ओपन-एक्सेस गाइड मार्केटर्स को एआई-संचालित डिजिटल इकोसिस्टम को समझने और उसे व्यावसायिक विकास में लागू करने के लिए एक संपूर्ण रोडमैप प्रदान करती है।

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क्या है डीकोड 2.0 और इसमें क्या नया जोड़ा गया है?

डीकोड 2.0 डिजिटल मार्केटिंग प्लेबुक का एक विकसित और सुव्यवस्थित रूप है। इसमें एआई को किसी पृथक विषय के रूप में देखने के बजाय पूरी मार्केटिंग प्रक्रिया जैसे कि सर्च, पेड मीडिया, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, और कंटेंट व क्रिएटिव में एकीकृत किया गया है। 

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दूसरे संस्करण की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं?

  • अकादमिक और व्यावहारिक संगम: एमआईसीए के जुड़ने से प्लेबुक में अकादमिक गहराई और आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण शामिल हुआ है, जो डीएस ग्रुप और डब्ल्यूपीपी मीडिया के व्यावहारिक अनुभवों को पूरा करता है।
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  • रिफ्रेश्ड पीओई फ्रेमवर्क: प्लेबुक के मॉड्यूल्स को मजबूत बनाया गया है तथा पेड, ओन्ड और अर्नड (POE) फ्रेमवर्क को अपडेट किया गया है ताकि कैंपेन की प्लानिंग और निष्पादन अधिक सहज हो सके।
  • सतत अपडेट का संकल्प: बदलती तकनीकों, नए टूल्स और उपभोक्ता व्यवहार को ध्यान में रखते हुए इस गाइड को समय-समय पर अपडेट किया जाता रहेगा।

डीएस ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट मार्केटिंग राजीव जैन ने कहा, "डिजिटल मार्केटिंग असाधारण गति से बदल रही है और एआई यह बुनियादी बदलाव ला रहा है कि मार्केटर्स कैसे सोचते हैं, रचना करते हैं और परिणामों को मापते हैं। MICA का अकादमिक आयाम और WPP मीडिया की उद्योग विशेषज्ञता DCODE 2.0 को भविष्य के लिए तैयार बनाती है।" वहीं WPP मीडिया के साउथ एशिया सीईओ प्रशांत कुमार ने कहा, "मार्केटिंग अब बिखरे हुए चैनलों से हटकर एक इंटेलिजेंट और एडेप्टिव इकोसिस्टम बन रही है। एआई का असली प्रभाव तब दिखेगा जब मार्केटर्स इसे खोज से लेकर मीडिया, कंटेंट, कॉमर्स और मेजरमेंट तक पूरी कंज्यूमर जर्नी में लागू करेंगे।"

एमआईसीए की डायरेक्टर और सीईओ जया देओरास देशमुख ने इसे विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मार्केटिंग का भविष्य केवल मांग खोजना नहीं, बल्कि नई संभावनाओं की कल्पना करना है। DCODE 2.0 स्मार्ट तकनीक को मानवीय समझ (ह्यूमन इनट्यूशन) के साथ जोड़कर मार्केटर्स को सशक्त बनाता है।

भारतीय विज्ञापन बाजार के आंकड़े क्या संकेत देते हैं?

यह प्लेबुक ऐसे समय में आई है जब भारतीय मीडिया और विज्ञापन उद्योग में डिजिटल का वर्चस्व स्थापित हो चुका है।  डब्ल्यूपीपी मीडिया की टीवाईएनवाई 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय विज्ञापन बाजार में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है:

  • कुल विज्ञापन राजस्व: वर्ष 2026 में भारत का कुल विज्ञापन राजस्व 9.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,01,891 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2025 की तुलना में 17,844 करोड़ रुपये अधिक है।
  • डिजिटल की हिस्सेदारी: कुल विज्ञापन राजस्व में डिजिटल (सभी माध्यमों के डिजिटल विस्तार सहित) की हिस्सेदारी 68.1% हो गई है।
  • कॉमर्स-लेड एडवरटाइजिंग: रिटेल मीडिया, क्विक कॉमर्स और सोशल कॉमर्स के दम पर कॉमर्स-लेड विज्ञापन सबसे तेज 24.2% की दर से बढ़ रहा है।
  • अन्य डिजिटल चैनल व एआई: अन्य डिजिटल चैनल 11.1% की दर से बढ़ रहे हैं, जबकि एआई-पावर्ड सर्च, वॉयस और एजेंटिक डिस्कवरी में 8% की वृद्धि का अनुमान है।
  • पारंपरिक माध्यम: OOH और सिनेमा में 8.9%, कनेक्टेड टीवी के सहारे टेलीविजन में 3.1% और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के दम पर ऑडियो में 1.5% की वृद्धि दर्ज की जा रही है।

इस प्लेबुक से किसे और कैसे फायदा मिलेगा?

DCODE 2.0 को कॉरपोरेट और एजेंसी मार्केटिंग टीमों, डिजिटल विशेषज्ञों, मीडिया प्लानर्स, विद्यार्थियों और शिक्षाविदों के लिए एक ओपन-एक्सेस (मुफ्त उपलब्ध) संसाधन के रूप में तैयार किया गया है। यह जटिल और तकनीक-संचालित माहौल में व्यावहारिक मार्गदर्शन, बेस्ट प्रैक्टिस और रणनीतिक फ्रेमवर्क प्रदान करके पूरे मार्केटिंग इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करता है। DCODE 2.0 केवल एक गाइडबुक नहीं, बल्कि एआई और डिजिटल के दौर में भारतीय मार्केटर्स के लिए एक रणनीतिक रोडमैप है। जैसे-जैसे भारतीय विज्ञापन बाजार में डिजिटल और कॉमर्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है, अकादमिक शोध और व्यावहारिक अनुभव का यह संगम कंपनियों को नए बाजार तलाशने और टिकाऊ विकास हासिल करने में मदद करेगा।

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