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साथ चलने से मना करने पर प्रेमिका को गोली से उड़ाया, खुद को भी गोली मारी

Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
Hamirpur
Hamirpur Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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राठ(हमीरपुर)। प्रेमिका के साथ चलने से इनकार करने पर एक युवक ने युवती की गोली मारकर हत्या करने के बाद अपने सिर में भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय युवती मां के साथ खेतों से चारा काटकर घर लौट रही थी। कोतवाली क्षेत्र के औंता गांव जाने वाली सड़क पर गुरुवार की सुबह दो लोगों की मौत के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस को मृतका की मां ने दोनों के बीच संबंध होने की जानकारी दी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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औंता गांव की रहने वाली श्याम कुंवर पत्नी मुलायम सिंह आर्य पुत्री रूपा (35) के साथ गुरूवार की सुबह जानवरों के लिए चारा काटने गई थी। श्याम कुंवर के मुताबिक करीब दस बजे जब दोनों सिर पर चारे की गठरी रख गांव लौट रही थीं। सड़क पर कंधौली गांव का रामरूप द्विवेदी मिला। रामरूप और रूपा के बीच पिछले कुछ महीनों से प्रेम संबंध थे। रामरूप उसे अपने साथ चलने को कह रहा था। रूपा के मना करने पर आगबबूला हुए रामरूप ने बेटी की छाती में गोली मार दी। गोली पड़ते ही रूपा सड़क पर गिर गई गई। श्याम कुंवर ने बताया इसके बाद सड़क पर ही चंद कदम दूर रामरूप द्विवेदी (35) ने अपने सिर से तमंचा सटाकर गोली मार ली। वह भी सड़क पर लहूलुहान होकर गिर गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। खेतों में काम करने वाले लोगों ने जब गोली की आवाज सुनी तो सड़क की ओर भागे। वहां दो लाशें और उनके पास खड़ी वृद्धा को देख सन्नाटा खिंच गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
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घटना स्थल पर कुछ ही देर में पहुंची पुलिस को श्याम कुंवर ने बताया कि मृतका उसकी पुत्री रूपा और आत्महत्या करने वाला उसका प्रेमी कंधौली गांव का रामरूप दिवेद्वी है। बताया कि उसने रूपा की शादी कई साल पहले बरदा गांव निवासी होमगार्ड मुन्ना आर्य के साथ की थी। शादी के करीब दस साल बाद मुन्ना की मौत हो गई थी। जिस पर रूपा ससुराल छोड़ मायके में आकर रहने लगी थी। इसी बीच रूपा चिकासी थाने के चंदवारी गांव निवासी भगत सिंह जो कि राठ में उरई बस स्टैंड़ के नजदीक रहता था, के साथ रहने लगी थी। कुछ दिन बाद रूपा भगत सिंह को छोड़ फिर अपने मायके आ गई थी। बताया कि कुछ दिन पहले उसकी पुत्री जरौली गांव में मुन्ना के यहां ब्याही अपनी बड़ी बहन के यहां गई थी। वहां पर रूपा की मुलाकात कंधौली गांव निवासी रामरूप द्विवेदी से हो गई। रामरूप का रूपा के घर औंता गांव आना जाना शुरू हो गया था। बताया कि रामरूप पिछले करीब चार छह महीने से रूपा के पास नहीं आया था। अचानक आज सड़क पर उसकी पुत्री से साथ चलने के लिए बात की और मना करने पर फिर रूपा को गोली मार दी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आरएन सिंह ने बताया कि रूपा और रामरूप द्विवेदी के बीच अवैध संबंध थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हुई, जिसके बाद आरोपी ने पहले रूपा की हत्या की और फिर खुद को गोली मार जान दे दी। मौके पर पुलिस को मृतक के पास से 315 बोर का देशी तमंचा पड़ा मिला। इसके अलावा रामरूप की जेब से दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुये।
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