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डॉक्टर की लापरवाही से किशोर के पैर में सैप्टिक हुआ

Wed, 06 Aug 2014 05:30 AM IST
Badaun
Badaun Updated Wed, 06 Aug 2014 05:30 AM IST
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सहसवान (बदायूं)। डॉक्टर की लापरवाही से बालक के पैर में सैप्टिक हो गई। पिता ने एसडीएम से डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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एसडीएम को दिए पत्र में बाबू खां निवासी जुनावई ने कहा है कि 17 जुलाई को उसके 14 वर्षीय पुत्र सलमान को सांप ने काट लिया था। वह सलमान को लेकर इलाज के लिए सहसवान के मोहल्ला जहांगीराबाद में डॉ. बृजनंदन गांधी के पास गए। डॉक्टर ने सलमान को जहर उतारने की दवा देने के बाद पैर में लगे बंध न खोलकर बाहर घुमाने की बात कही और खुद घर जाकर सो गए। आरोप है कि बाबू अपने बेटे रातभर घुमाते रहे। बंध न खुलने से सलमान का पैर सूजकर मोटा हो गया। सुबह नौ बजे डॉक्टर ने आकर बंध खोला तब तक सलमान का पैर नीला पड़ चुका था। बाद में उसे सरकारी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने बताया कि बंध लगे रहने से पैर को नुकसान हो गया। सलमान अब इलाज के लिए अलीगढ़ ले जाया गया है। जहां डॉक्टरों ने बताया कि पैर में अधिक देर तक बंध लगे रहने से पैर में सैप्टिक बन गया है। पैर का ऑपरेशन कराना पड़ा और दस दिन बाद प्लास्टिक सर्जरी करानी पड़ी। बाबू का आरोप है कि डॉ. बृजनंदन गांधी की लापरवाही से उनके बेटे का पैर खराब हो गया और इलाज में लाखों रुपये बर्बाद हो गए।
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