{"_id":"119-99274","slug":"Badaun-99274-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिसौली में नहीं सुलझा श्मशानघाट का विवाद, तनाव"}
बिसौली में नहीं सुलझा श्मशानघाट का विवाद, तनाव
Badaun
Updated Mon, 04 Aug 2014 05:30 AM IST
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बिसौली। गांव निजरा में श्मशान घाट का विवाद बरकरार है। इसे लेकर जबर्दस्त तनाव बना हुआ है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के तमाम प्रयासों के बाद भी इसका कोई हल नहीं निकल सका है। प्रभारी कोतवाल जीत सिंह ने निजरा पहुंचकर गांववालों से बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ॉ
मालूम हो कि शुक्र्तवार को श्मशानघाट पर तोडफोड़ के बाद नगर में तनाव पैदा हो गया। इसके विरोध में शनिवार को नगर का बाजार बंद रहा। लोगों ने जुलूस निकालकर बाबा का पुतला फूंका। तीन दिन बीत जाने के बाद भी विवाद का कोई हल नहीं निकल सका है। एसडीएम गुलाबचंद्र और पूर्व विधायक योगेंद्र गर्ग ने इसे सुलझाने का प्रयास भी किया लेकिन बात नहीं बनी। बताते हैं कि बाबा और गांव वालों का कहना है कि मंदिर की भूमि को छोड़कर कहीं भी निर्माण हो, इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
इधर, समस्या का हल न होने से नगरवासियों में भारी रोष है। लोगों का मानना है कि अगर इस समस्या का शीघ्र हल नहीं निकला तो बात बिगड़ सकती है। श्मशान घाट के संरक्षक रामबाबू गुप्ता ने बताया कि बाबा ने मामले को अनावश्यक तूल दिया है। ज्यों ज्यों समय बीत रहा है, यह समस्या विकराल हो रही है। बहरहाल, तीन दिन बीत जाने के बाद भी इसका हल नहीं निकल पाया है। प्रभारी कोतवाल जीत सिंह ने गांव निजरा में जाकर गांव वालों से बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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मालूम हो कि शुक्र्तवार को श्मशानघाट पर तोडफोड़ के बाद नगर में तनाव पैदा हो गया। इसके विरोध में शनिवार को नगर का बाजार बंद रहा। लोगों ने जुलूस निकालकर बाबा का पुतला फूंका। तीन दिन बीत जाने के बाद भी विवाद का कोई हल नहीं निकल सका है। एसडीएम गुलाबचंद्र और पूर्व विधायक योगेंद्र गर्ग ने इसे सुलझाने का प्रयास भी किया लेकिन बात नहीं बनी। बताते हैं कि बाबा और गांव वालों का कहना है कि मंदिर की भूमि को छोड़कर कहीं भी निर्माण हो, इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
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इधर, समस्या का हल न होने से नगरवासियों में भारी रोष है। लोगों का मानना है कि अगर इस समस्या का शीघ्र हल नहीं निकला तो बात बिगड़ सकती है। श्मशान घाट के संरक्षक रामबाबू गुप्ता ने बताया कि बाबा ने मामले को अनावश्यक तूल दिया है। ज्यों ज्यों समय बीत रहा है, यह समस्या विकराल हो रही है। बहरहाल, तीन दिन बीत जाने के बाद भी इसका हल नहीं निकल पाया है। प्रभारी कोतवाल जीत सिंह ने गांव निजरा में जाकर गांव वालों से बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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