फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   ›   शिवतेरस आज, कछला गंगाघाट पर गूंजा बम-बम भोले

शिवतेरस आज, कछला गंगाघाट पर गूंजा बम-बम भोले

Fri, 25 Jul 2014 05:31 AM IST
Badaun
Badaun Updated Fri, 25 Jul 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। कछला गंगाघाट पर बृहस्पतिवार को कांवड़ियों का रेला उमड़ पड़ा। शिवतेरस पर शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए जल भरने घाट पर पहुंचे कांवड़ियों ने बम-बम भोले का उद्घोष किया। पूरा घाट शिवमय हो गया। इस दौरान हाईवे पर भी कांवड़ियों की खासी भीड़भाड़ नजर आई।
विज्ञापन

कछला गंगाघाट पर पूरे दिन कांवड़ियों के पहुंचने का क्रम चला। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कांवड़ भरकर पूजन कराया। कांवड़ियों की टोलियों में बच्चों के अलावा महिलाओं की संख्या भी काफी नजर आई। महिलाएं भी कांवड़ भरकर शिवतेरस पर शिवालयों में जलाभिषेक करने को निकल पड़ी हैं। कांवड़ भरकर परिवार के सदस्यों के साथ निकली मनोरमा ने बताया कि शिवतेरस पर जलाभिषेक का विशेष महत्व है।
विज्ञापन

गंगाघाट से जुड़े लोगों की मानें तो कांवड़ भरने का क्रम रात में भी चलेगा। आसपास इलाके के कांवड़िए रात में जलभकर भोर में शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। इधर, हाईवे पर कांवड़ियों के साथ चल रहे वाहन सवार कलाकारों ने शिव-पार्वती बनकर धार्मिक धुन पर खूब नृत्य किया। टोलियों में शामिल बच्चे भी नाचते-झूमते निकले।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंसेट-
रूट डायर्वजन बना आफत
कांवड़ियों के रूट पर भारी वाहनों का प्रतिबंध शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को रहता है। ऐसा ही फरमान पुलिस के अफसरों ने भी दिया लेकिन बुधवार रात अचानक ही रूट डायर्वजन लागू कर दिया। रोडवेज बस चालकों को भी इसकी खबर तब लगी जब वे बस स्टैंड से बसें लेकर बहेड़ी और नौशेरा मोड़ के पास पहुंचे। उझानी समेत कछला जाने को बसों में सवार लोगों को नौशेरा के पास ही खड़े रहकर इंतजार करना पड़ा। रूट डायवर्जन की आफत के शिकार कुछेक लोगों ने अपने घर फोन करके बाइक आदि का इंतजाम कराया। तब कहीं जाकर लोग घर पहुंच पाए।

फोटो-23
बालू भरे कट्टों से बनाए डिवाइडर
उझानी। कछला में कांवड़ियों की भीड़ के मद्देनजर चौकी पुलिस ने पुल और चौकी के आसपास इलाके में बरेली-मथुरा हाईवे पर देसी नुस्खे से डिवाइडर बनाए हैं। बालू को प्लास्टिक के कट्टों में भरकर रखा तो गया लेकिन उन्हें पहले दिन ही वाहनों ने रौंद दिया। बालू भी सड़क पर बिखर गई। इससे कांवड़ियों को सुविधा कम असुविधा ज्यादा हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed