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सॉलिडवेस्ट प्लांट के लिए अब नई कंपनी की तलाश
Badaun
Updated Wed, 12 Feb 2014 05:44 AM IST
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बदायूं। ड्रीम प्रोजेक्ट सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए अब नई कंपनी से अनुबंध किया जाएगा। फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा होने के बाद कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज ने एटूजेड और अकार्डो हाइड्रोएअर से अनुबंध रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन दोनों कंपनियों और छह करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जारी करने वाली चार्टड बैंक लखनऊ के शाखा प्रबंधक के खिलाफ बरेली के प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
करीब 12.50 करोड़ की लागत से गुलड़िया नगर पंचायत के पास ग्राम पंचायत उतरना के मजरा सहपुरा में सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने भी 5.78 करोड़ रुपये दिए हैं। प्लांट स्थापना का काम सी एंड डीसी के जिम्मे था। 50 टन प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण की क्षमता वाले इस प्लांट को चलाने के लिए एटूजेड ने अनुबंध किया था। पिछले साल ये अनुबंध टूट गया तो अकार्डो हाइड्रोएअर ने एटूजेड के साथ मिलकर प्लांट चलाने का अनुबंध कर लिया। अनुबंध के लिए इन कंपनियों ने छह करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी लगा दी। ये गारंटी लखनऊ की चार्टड बैंक से जारी हुई थी। जब इसका खुलासा हुआ तो सोमवार को ही बरेली के प्रेमनगर थाने में एटूजेड, अकार्डो हाइड्रोएअर और चार्टड बैंक के शाखा प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इन कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद प्लांट का काम लटकता हुआ नजर आ रहा है। इधर कार्यदायी संस्था सीएंडडीसी ने दोनों कंपनियों से अनुबंध रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है।
वर्जन-
फर्जी बैंक गारंटी का मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जाहिर है कि अब प्लांट शुरू होने में देरी होगी। फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों से करार रद्द किया जाएगा। फिलहाल पुलिस अपना काम कर रही है। इसके बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।-आरबी शर्मा, जीएम सी एंड डीसी
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करीब 12.50 करोड़ की लागत से गुलड़िया नगर पंचायत के पास ग्राम पंचायत उतरना के मजरा सहपुरा में सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने भी 5.78 करोड़ रुपये दिए हैं। प्लांट स्थापना का काम सी एंड डीसी के जिम्मे था। 50 टन प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण की क्षमता वाले इस प्लांट को चलाने के लिए एटूजेड ने अनुबंध किया था। पिछले साल ये अनुबंध टूट गया तो अकार्डो हाइड्रोएअर ने एटूजेड के साथ मिलकर प्लांट चलाने का अनुबंध कर लिया। अनुबंध के लिए इन कंपनियों ने छह करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी लगा दी। ये गारंटी लखनऊ की चार्टड बैंक से जारी हुई थी। जब इसका खुलासा हुआ तो सोमवार को ही बरेली के प्रेमनगर थाने में एटूजेड, अकार्डो हाइड्रोएअर और चार्टड बैंक के शाखा प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इन कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद प्लांट का काम लटकता हुआ नजर आ रहा है। इधर कार्यदायी संस्था सीएंडडीसी ने दोनों कंपनियों से अनुबंध रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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वर्जन-
फर्जी बैंक गारंटी का मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जाहिर है कि अब प्लांट शुरू होने में देरी होगी। फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों से करार रद्द किया जाएगा। फिलहाल पुलिस अपना काम कर रही है। इसके बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।-आरबी शर्मा, जीएम सी एंड डीसी
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