{"_id":"119-55339","slug":"Badaun-55339-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"ककोड़ा मेला -- सुविधाओं से लैस होगा वीआईपी इलाका"}
ककोड़ा मेला -- सुविधाओं से लैस होगा वीआईपी इलाका
Badaun
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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तंबुओं के शहर में काम की रफ्तार कछुआ चाल,
सड़कों के बीच गेप में लगाए गए हैं हैंडपंप
अस्थाई सिविल लाइंस क्षेत्र में होगा बिजलीघर
मेला ककोड़ा। कटरी में गंगा किनारे लगने वाले रुहेलखंड के मिनी कुंभ में रौनक भले ही चार दिन बाद देखने को मिलेगी, लेकिन प्रशासन अभी तक व्यवस्थाओं को सही ढंग से अंजाम देने में नाकाम रहा है। मेला में सजावट के लिए सोमवार को विलंब से ही सही बिजली का सामान पहुंच गया। मेलार्थियों को पेयजल की सुविधा के लिए कदम-कदम पर इंडिया मार्का हैंडपंप मिलेंगे। मेला स्थल पर ही प्रस्तावित सिविल लाइंस इलाके के समीप अस्थाई बिजलीघर भी होगा। अफसरों समेत सरकारी अतिथियों के लिए कैंप कार्यालयों से लेकर उनके अस्थाई निवासों में अत्याधुनिक व्यवस्थाएं होगीं।
मेला स्थल पर अगर कुछ तेजी से चल रहा है तो वह हैंडपंप और राउटी लगाने के लिए भूमि के समतलीकरण का काम। जिला पंचायत की ओर से मेले में करीब छह सौ हैंडपंप लगाए जाने हैं। गांव मुल्तानगला से आगे सड़क से मेला स्थल तक जाने को बीड़ा और रेता से बनी अस्थाई सड़क का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। वापसी वाली सड़क भी अगले दिन तक पूरी हो जाने उम्मीद है। प्रशासन ने इस बार दोनों सड़क के बीचोबीच में खासकर मेला स्थल के आसपास हैंडपंप लगाए हैं।
ठेकेदार के कारिंदों ने बताया कि मेला में बनने वाला अस्थाई सिविल लाइंस इलाका सुविधाओं से सुसज्जित होगा। प्रकाश व्यवस्था के ठेकेदार बदायूं निवासी शहंशाह अहमद ने बताया कि पोल गाड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। 23 नवंबर तक मेला को जेनरेटर के जरिए बिजली से रोशन कर दिया जाएगा। इधर, मेला में फिलहाल तक दो-चार ही दुकानदार पहुंचे हैं। इससे पहले ही गेट से मोक्षदायिनी के मुख्यद्वार के लिए स्थान भी चिंहित कर लिया गया है। मेला कोतवाली बाहरी छोर पर होगी।
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इंसेट
साइट सलेक्शन की है पुरानी परंपरा
मेला में जिस दिन झंडी पहुंचती है, उसी दिन जिला पंचायत के अफसर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने इलाके का नक्शा पेश करते हैं। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिला अधिकारी की मौजूदगी में उस पर अवलोकन किया जाता है। बताते हैं कि सब कुछ ठीक नजर आने पर उसे अंतिम रुप दे दिया जाता है। साथ ही अफसर हस्ताक्षर भी कर देते हैं। इसी को साइट इलेक्शन कहा जाता है।
बुधवार से मेले में कैंप करेगी पीएसी
मेला ककोड़ा में दुकानदारों के आने का सिलसिला शुरू हो जाने से उनकी सुरक्षा के लिए जल्द ही पुख्ता इंतजाम हो जाएंगे। कादरचौक थाना पुलिस ने रविवार रात से इलाके में गश्त शुरू कर दी। बुधवार से पीएसी भी कैंप करेगी। मेला में कैंप आदि लगवाने के काम में जुटे मोती ने बताया कि सुरक्षा हर किसी को चाहिए। मजदूर भी रात में अकेले नहीं रह सकते।
सड़कों के बीच गेप में लगाए गए हैं हैंडपंप
अस्थाई सिविल लाइंस क्षेत्र में होगा बिजलीघर
मेला ककोड़ा। कटरी में गंगा किनारे लगने वाले रुहेलखंड के मिनी कुंभ में रौनक भले ही चार दिन बाद देखने को मिलेगी, लेकिन प्रशासन अभी तक व्यवस्थाओं को सही ढंग से अंजाम देने में नाकाम रहा है। मेला में सजावट के लिए सोमवार को विलंब से ही सही बिजली का सामान पहुंच गया। मेलार्थियों को पेयजल की सुविधा के लिए कदम-कदम पर इंडिया मार्का हैंडपंप मिलेंगे। मेला स्थल पर ही प्रस्तावित सिविल लाइंस इलाके के समीप अस्थाई बिजलीघर भी होगा। अफसरों समेत सरकारी अतिथियों के लिए कैंप कार्यालयों से लेकर उनके अस्थाई निवासों में अत्याधुनिक व्यवस्थाएं होगीं।
मेला स्थल पर अगर कुछ तेजी से चल रहा है तो वह हैंडपंप और राउटी लगाने के लिए भूमि के समतलीकरण का काम। जिला पंचायत की ओर से मेले में करीब छह सौ हैंडपंप लगाए जाने हैं। गांव मुल्तानगला से आगे सड़क से मेला स्थल तक जाने को बीड़ा और रेता से बनी अस्थाई सड़क का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। वापसी वाली सड़क भी अगले दिन तक पूरी हो जाने उम्मीद है। प्रशासन ने इस बार दोनों सड़क के बीचोबीच में खासकर मेला स्थल के आसपास हैंडपंप लगाए हैं।
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ठेकेदार के कारिंदों ने बताया कि मेला में बनने वाला अस्थाई सिविल लाइंस इलाका सुविधाओं से सुसज्जित होगा। प्रकाश व्यवस्था के ठेकेदार बदायूं निवासी शहंशाह अहमद ने बताया कि पोल गाड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। 23 नवंबर तक मेला को जेनरेटर के जरिए बिजली से रोशन कर दिया जाएगा। इधर, मेला में फिलहाल तक दो-चार ही दुकानदार पहुंचे हैं। इससे पहले ही गेट से मोक्षदायिनी के मुख्यद्वार के लिए स्थान भी चिंहित कर लिया गया है। मेला कोतवाली बाहरी छोर पर होगी।
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साइट सलेक्शन की है पुरानी परंपरा
मेला में जिस दिन झंडी पहुंचती है, उसी दिन जिला पंचायत के अफसर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने इलाके का नक्शा पेश करते हैं। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिला अधिकारी की मौजूदगी में उस पर अवलोकन किया जाता है। बताते हैं कि सब कुछ ठीक नजर आने पर उसे अंतिम रुप दे दिया जाता है। साथ ही अफसर हस्ताक्षर भी कर देते हैं। इसी को साइट इलेक्शन कहा जाता है।
बुधवार से मेले में कैंप करेगी पीएसी
मेला ककोड़ा में दुकानदारों के आने का सिलसिला शुरू हो जाने से उनकी सुरक्षा के लिए जल्द ही पुख्ता इंतजाम हो जाएंगे। कादरचौक थाना पुलिस ने रविवार रात से इलाके में गश्त शुरू कर दी। बुधवार से पीएसी भी कैंप करेगी। मेला में कैंप आदि लगवाने के काम में जुटे मोती ने बताया कि सुरक्षा हर किसी को चाहिए। मजदूर भी रात में अकेले नहीं रह सकते।